दिसम्बर 05 शुक्रवार पौष कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), मार्गशीर्ष | प्रतिपदा तिथि 12:55 AM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र रोहिणी 11:46 AM तक उपरांत म्रृगशीर्षा | सिद्ध योग 08:08 AM तक, उसके बाद साध्य योग 03:48 AM तक, उसके बाद शुभ योग | करण बालव 02:48 PM तक, बाद कौलव 12:56 AM तक, बाद तैतिल | *वर्जित समय* *राहुकाल* राहु 10:57 AM से 12:17 PM तक है | 10:15 PM तक *दिशा शूल* दिशा: पश्चिम बचाव: जौ,राईं खाकर निकले चन्द्रमा वृषभ उपरांत मिथुन राशि पर सूर्य वृश्चिक राशि पर है शुभ…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
दिसम्बर 04 गुरुवार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि 08:37 AM तक उपरांत पूर्णिमा तिथि 04:43 AM तक उपरांत प्रतिपदा | नक्षत्र कृत्तिका 02:54 PM तक उपरांत रोहिणी | शिव योग 12:34 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग | करण वणिज 08:38 AM तक, बाद विष्टि 06:41 PM तक, बाद बव 04:44 AM तक, वर्जित समय राहुकाल और दिशाशूल राहु 01:36 pm से 02:56 pm तक है | दिशाशूल: 4 दिसंबर 2025 को गुरुवार है, इसलिए दक्षिण दिशा में दिशाशूल है। यदि दक्षिण दिशा की यात्रा करनी ही पड़े, तो यात्रा से पहले दही या जीरा खाकर निकलें। शुभ समय -…
दिसम्बर 03 बुधवार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 12:26 pm तक उपरांत चतुर्दशी | नक्षत्र भरणी 06:00pm तक उपरांत कृत्तिका | परिघ योग 04:57 PM तक, उसके बाद शिव योग | करण तैतिल 12:26 pm तक, बाद गर 10:33 pm तक, बाद वणिज | राहु 12:16 PM से 01:36 pm तक है | 11:14 pm तक चन्द्रमा मेष मे 11:14pm तक उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेंगे सूर्य वृश्चिक राशि पर है सूर्य और चंद्रमा का समय सूर्योदय – 6:56 AM सूर्यास्त – 5:36 PM चन्द्रोदय – Dec 02 3:14 PM चन्द्रास्त – Dec 03 4:48 AM शुभ काल वर्जित…
3 दिसंबर से 16 दिसंबर सूर्य देव बुद्ध के नक्षत्र मे ———————————- 3 दिसंबर- सूर्य करेंगे बुध के नक्षत्र में प्रवेश, पद- प्रतिष्ठा प्राप्ति के योग कर्क मेष सिंह के लिये विशेष रूप से सकारात्मक प्रभाव मेष प्रोफेसनल लाइफ मे सकारात्मक बदलाव रहेंगे अचानक कोई नया अवसर मिलेगा कर्क परिवारिक सुख बढ़ेगा, नये राश्ते बनेगे, उच्च मनोबल रुके काम पुरे करेगा, विद्यार्थी वर्ग विशेष लाभ ले सकता है सिंह पराक्रम बढेगा, स्थान परिवर्तन भी हों सकता है, सुख सुविधाओं मे वृद्धि, लम्बे समय से रुके काम बनेगे
दिसम्बर 02 मंगलवार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वादशी, तिथि 03:57 PM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र अश्विनी 08:51 PM तक उपरांत भरणी | करण बालव 03:57 PM तक, बाद कौलव 02:14 AM तक, बाद तैतिल | गण्डमूल नक्षत्र Dec 01 11:18 PM – Dec 2 08:51 PM (Ashwini) चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात) सूर्य वृश्चिक राशि पर है त्यौहार और व्रत त्रयोदशी व्रत भौम प्रदोष व्रत प्रदोष व्रत सूर्य और चंद्रमा का समय सूर्योदय – 6:56 AM सूर्यास्त – 5:36 PM चन्द्रोदय – Dec 02 3:14 PM चन्द्रास्त – Dec 03 4:48 AM शुभ काल अभिजीत मुहूर्त -…
16 दिसंबर से शुरू होगा खरमास, 1 महीने तक बंद रहेंगे विवाह-सगाई जैसे शुभ कार्य सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ खरमास 16 दिसंबर (मंगलवार) को दोपहर 1:27 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। यह अवधि 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को रात 9:19 बजे सूर्य देव के उत्तरायण होने तक चलेगी। उत्तरायण के साथ ही खरमास समाप्त होगा और मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे। खरमास में भगवान सूर्य की आराधना को अत्यंत शुभ माना गया है। रोज सुबह स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देने, मंत्र जाप करने और दान करने से कष्ट दूर होते हैं एवं शुभ…
पंचांग दिसंबर 1, 2025, सोमवार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी 07:01pm तक उपरांत द्वादशी | नक्षत्र रेवती 11:18pm तक उपरांत अश्विनी | गण्डमूल नक्षत्र 01/12– 01:10am – 01/12– 11:18 PM (Revati) 01/12– 11:18pm – Dec 2 08:51 PM (Ashwini) व्यातीपात योग 12:58am तक, उसके बाद वरीयान योग | करण वणिज 08:20am तक, बाद विष्टि 07:01 PM तक चन्द्रमा मीन 11:18 PM तक उपरांत मेष राशि पर संचार करेंगे सूर्य वृश्चिक राशि पर है राहु काल 08:15से 09:35 AM तक है | दिशाशूल: पूर्व दिशा। उपाय: यात्रा से पहले शीशे में अपना चेहरा देखें अभिजीत मुहूर्त 11:45 − 12:27 मिनट तक रहेगा…
शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् । लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं, वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥ ● शान्ताकारम् — जिनका स्वभाव और रूप अत्यन्त शांत है, जो सर्वथा निरामय और स्थिर हैं। ● भुजग-शयनम् — जो शेषनाग (भुजंग) पर शयन करते हैं। ● पद्मनाभम् — जिनके नाभि से कमल उत्पन्न हुआ है (जिससे ब्रह्मा जी उत्पन्न हुए)। ● सुरेशम् — जो देवताओं के भी ईश्वर हैं। ● विश्वाधारम् — जो सम्पूर्ण विश्व का आधार हैं। ● गगन-सदृशम् — जिनका रूप आकाश के समान सर्वव्यापक और निर्मल है। ● मेघवर्णम् — जिनका वर्ण घने मेघ के समान…
नवरात्रि में किए जाने वाले शुभ उपाय 1. आर्थिक समृद्धि के लिए: नवरात्रि में पहले दिन घी का दीपक अखंड ज्योति के रूप में जलाएं। मां लक्ष्मी के मंत्र “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करें। अष्टमी के दिन कन्याओं को लाल वस्त्र और मिठाई भेंट करें। 2. विवाह में बाधा दूर करने हेतु मां कात्यायनी को सुहाग की सामग्रियां चढ़ाएं। प्रतिदिन “ॐ कात्यायन्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। अष्टमी को 9 कन्याओं को भोजन कराकर बड़ों का आशीर्वाद लें। 3. स्वास्थ्य लाभ के लिए चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा कर नारियल का भोग लगाएं।…
22 सितम्बर 2025 को सूर्य उदय पर अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि प्राप्त होने के कारण नवरात्री महापर्व का आरम्भ 22 SEP से होगा माँ गज पर सवार होकर आ रही है, जो अत्यंत शुभ और सुख-समृद्धि, सौभाग्य की वृद्धि का संकेत है इस बार तिथि वृद्धि के कारण नवरात्री मे भक्तो को नौ नहीं पुरे 10 दिन आदिशक्ति के पूजन का सौभाग्य मिलेगा, और 11वे दिन 2 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाय जायेगा वहीं महा अष्टमी का पूजन 30सितम्बर और नवमी का पूजन 1अक्टूबर को किया जायेगा घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:09 से सुबह 08:06 तक रहेगा। इसके…