पवन पुत्र हनुमान जी के 108 नाम (हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली) उनके वीरतापूर्ण कार्यों, दिव्य गुणों और भगवान राम के प्रति असीम भक्ति को दर्शाते हैं। इन नामों का जाप करने से जीवन के सभी कष्ट, भय और बाधाएं दूर होती हैं, और मानसिक शांति मिलती है। ये नाम हनुमान जी की अपार शक्ति और पवित्रता का प्रतीक हैं। हनुमान–जिसकी ठुड्डी (हनु) टूटी हुई हो 2. अंजनीसुत–माता अंजनी के पुत्र 3. वायुपुत्र–पवन देव के पुत्र 4. महाबल–असीम शक्ति के स्वामी 5. रामेष्ट–भगवान श्री राम के प्रिय 6. फाल्गुनसखा–अर्जुन के मित्र 7. पिंगाक्ष–भूरी/लाल आँखों वाले 8. अमितविक्रम–असीम पराक्रम वाले 9. उदधिक्रमण–समुद्र लांघने वाले…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
चैत्र नवरात्रि 2026 शक्ति आराधना के नौ दिन नवरात्रि प्रारंभ – 19 मार्च 2026 घटस्थापना मुहूर्त – 06:52 AM से 07:43 AMI अभिजीत मुहूर्त – 12:05 PM से 12:53 PM कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन सृष्टि की रचना की थी। इसलिए इस दिन से नए संवत्सर (हिंदू नववर्ष) की शुरुआत मानी जाती है। सृष्टि के आरंभ के समय देवताओं ने आदिशक्ति माता दुर्गा की उपासना की, ताकि जगत की रक्षा और संतुलन बना रहे। इसलिए ही चैत्र मास के शुरुआती नौ दिनों में देवी की उपासना की जाती है। चैत्र नवरात्रि का…
14 मार्च 2026 रात्रि 1:08 पर सूर्य मीन राशि मे प्रवेश करेंगे, इस लिये 15 मार्च से खरमास होगा आरम्भ जो सूर्य के मेष मे गोचर आरम्भ करते ही समाप्त हों जायेगा यानी 15अप्रेल को होगा समाप्त जब सूर्य का गोचर बृहास्पति प्रधान राशियों से हों कर गुजरता है तो वो महीना शुभ कार्यो खास कर वैवाहिक, गृह प्रवेश मुंडन या जनेऊ संस्कार बिल्कुल भी नहीं किये जाते नया व्यापार शुरू करना, भूमि पूजन, और घर या वाहन की खरीदारी जैसे सभी मांगलिक कार्य भी वर्जित होते हैं। ये समय पूरे एक महीने का होता है क्युकी सूर्य पूरे एक…
वर्ष के राजा और मंत्री 19 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत इस बार नए साल की शुरुआत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, शुक्ल योग और मीन लग्न मे रहेगी इस हिन्दू नव वर्ष के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल रहेंगे राजा बृहस्पति का गोचर इन आनेवाले 12 महीनों पर पूरा प्रभाव डालेगा बृहस्पति – मिथुन मे 1 जून तक फिर कर्क मे 2जून से 30 अक्टूबर तक, और अंत मे सिंह मे 31 अक्टूबर से 13दिसंबर तक गोचर करेंगे राजा बृहस्पति :-शिक्षा, धर्म, और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मकता आ सकती है। मंत्री मंगल : साहस बढ़ेगा लेकिन प्राकृतिक आपदाओं…
नव संवत्सर -2083 ‘रौद्र’ संवत्सर दिन गुरूवार चैत्र नवरात्र प्रतिपदा तिथि से शुरू होगा विक्रमसम्वसर का आरम्भ राजा विक्रमादित्य ने किया और उन्होंने ये तिथि इस लिये चुनी हिन्दू नववर्ष की शुरुवात के लिये क्योंकि हमारे सनातन धर्म मे शास्त्रों मे वर्णित है की चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी इस कारण ही सम्राट विक्रमादित्य ने इस तिथि की शुभता और महत्व को समझते हुए इसी तिथि से नव संवतसर का आरम्भ किया ज्योतिष के पुराने ग्रंथो मे संस्कृत भाषा मे संवत्सर के नाम व उस का प्रभाव भी वर्णित है ज्योतिषी…
2 मार्च 2026 से ग्रहो मे शुक्र का गोचर मीन राशि मे हों गया है जहाँ पहले से ही शनि विराजमान है शुक्र और शनि का एकसाथ मीन राशि मे होना जल तत्व को बढ़ाता है वहीं शनि वायु तत्व की प्रधानता लिये है, इस लिये भावनात्मका बढ़े गी, रुके काम आगे बढ़ेंगे जीवन में सुख-सुविधाओं, करियर में प्रगति और आर्थिक मजबूती के संकेत मिलेंगे स्वाथ्य को लेकर : शुक्र सम्बन्धी बीमारियों जैसे त्वचा रोग, डायबिटीज, किडनी की समस्या, आंखों के रोग, प्रोस्टेट समस्याएं, और गले में संक्रमण पर प्रभाव पड़ेगा इस को सजगता से ले यह ग्रह स्थिति 26…
फाल्गुन पूर्णिमा -होलिका दहन 2 मार्च 2 मार्च को निशाव्यापिनी पूर्णिमा प्राप्त हो रही है. हालांकि, 2 मार्च को शाम 5 :18 मिनट से भद्रा लग रही है, इसलिए भद्रा के मुख काल को त्यागकर, भद्रा पूंछ काल में 2 मार्च की रात 12 : 50 से रात 2 :02 तक होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत है. बाधा निवारण: घी और गोबर के उपले चढ़ाने से और होलिका की अग्नि घर लाने व उसकी राख माथे पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष दूर होता है। ग्रह शांति: पूजन में काले तिल अर्पित करने से उग्र ग्रहों का प्रभाव…
3 मार्च ग्रहण-सुबह 9:39 से सूतक काल आरम्भ, जो ग्रहण समाप्त होने के साथ समाप्त होगा। साल का पहला चन्द्रग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को – 2:16 से शुरू होकर शाम 5 : 33 मिनट तक रहेगा। ये ग्रहण भारत मे दृश्य है इस लिये सूतक काल भी मान्य होंगा, 3 मार्च 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि (Leo) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। ग्रहण का प्रभाव 12 राशियों पर मेष (Aries) मेष राशि पर ग्रहण का प्रभाव, कार्य क्षेत्र मे वृद्धि और लाभ देगा पर स्वास्थ्य पर ध्यान रखने की जरूरत संतान और प्रेम संबंधों में तनाव,…
वर्ष 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी (मंगलवार) से शुरू हो रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होकर 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के साथ समाप्त होंगे। इसके अगले दिन, 4 मार्च को रंगों वाली होली (धुलेंडी) खेली जाएगी। होलाष्टक के 8 दिनों की अवधि को ज्योतिष शास्त्र में अशुभ माना जाता है क्योंकि इस दौरान 8 प्रमुख ग्रह (चंद्रमा, सूर्य, शनि, शुक्र, गुरु, बुध, मंगल और राहु) उग्र अवस्था में रहते हैं। पौराणिक कथा (भक्त प्रहलाद का प्रसंग) होलाष्टक के अशुभ माने जाने के पीछे सबसे प्रमुख कथा भक्त प्रहलाद की है। कहा जाता…
15 मार्च 2026 को सूर्य देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मीन संक्रांति की शुरुआत होगी। यह गोचर 15 मार्च (रविवार) को तड़के 01:08 बजे होगा, जिससे एक महीने का ‘खरमास’ शुरू हो जाएगा। इस समय से 14 अप्रैल तक मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे और दान-पुण्य का विशेष महत्व होगा। मीन संक्रांति और खरमास 2026 के मुख्य विवरण: सूर्य प्रवेश: 15 मार्च, रविवार को तड़के 01:08 बजे (कुंभ से मीन राशि)। अवधि: 15 मार्च से 14 अप्रैल (जब सूर्य मेष राशि में जाएंगे)। पुण्यकाल (स्नान/दान): 15 मार्च 2026 को दोपहर 12:03 बजे तक महत्व: यह…