चैत्र नवरात्रि 2026 शक्ति आराधना के नौ दिन

नवरात्रि प्रारंभ – 19 मार्च 2026
घटस्थापना मुहूर्त – 06:52 AM से 07:43 AMI अभिजीत मुहूर्त – 12:05 PM से 12:53 PM
कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन सृष्टि की रचना की थी। इसलिए इस दिन से नए संवत्सर (हिंदू नववर्ष) की शुरुआत मानी जाती है।

सृष्टि के आरंभ के समय देवताओं ने आदिशक्ति माता दुर्गा की उपासना की, ताकि जगत की रक्षा और संतुलन बना रहे। इसलिए ही चैत्र मास के शुरुआती नौ दिनों में देवी की उपासना की जाती है।

चैत्र नवरात्रि का पर्व सृष्टि के आरंभ, शक्ति उपासना और नए वर्ष के मंगल प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है।

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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