देव गुरु की मार्गी चाल 11मार्च से वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भाग्य के कारक गुरु बृहस्पति इस समय मिथुन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है और मार्च में वह इसी राशि में मार्गी हो जाएंगे। ऐसे में सिंह, तुला, कुम्भ सहित इन राशियों को नौकरी-बिजनेस में अपार सफलता हासिल हो सकती है। 11 मार्च को देवगुरु बृहस्पति की होगी सीधी चाल सकारात्मक समय सिंह, तुला, कुम्भ सिंह सुख सुविधाओं मे वृद्धि, मांगलिक कार्य, व्यापार और पद प्रथिष्ठा बढ़ने का समय, स्वत आगे बढ़ने का प्रयास करें भाग्य का साथ मिलेगा तुला लाभ की स्थितियां बनेगी, नयी सम्भावनाओं का…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
होलाष्टक – आठ दिन नकारात्मक से बचने, विश्राम, शुद्धि और आंतरिक विकास के लिये होलाष्टक हमेशा फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि से शुरू होता है. होली से ठीक 8 दिन पहले का समय, इस साल 2 मार्च की रात्रि और 3 मार्च की सुबह का समय होलिका दहन का होगा और रंग वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी. ऐसे में इस वर्ष 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू होगा. इन 8 दिनों में घर में कोई शुभ-मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. और इन दिनों मे किसी प्रकार के बड़े परिवर्तन और निर्णय लेने से बचना चाहिये भक्त प्रह्लाद को उनके…
3 मार्च 2026 फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा(होली ) पर ग्रहण पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को – 2:16 से शुरू होकर शाम 5 : 33 मिनट तक रहेगा। ये ग्रहण भारत मे दृश्य है इस लिये सूतक काल भी मान्य होंगा चंद्र ग्रहण आरंभ होने के 9 घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाता है। ऐसे में 3 मार्च को सुबह 09:39 से सूतक काल आरंभ होगा, जो ग्रहण समाप्त होने के साथ समाप्त होगा। ग्रहण के दिन चन्द्रमा सिंह राशि मे केतु के साथ विराजमान होंगे फाल्गुन पूर्णिमा -होलिका दहन 2 मार्च 2 मार्च को निशाव्यापिनी पूर्णिमा…
15 फरवरी- महा शिवरात्रि – भगवान शिव का पूजन निशीथ काल मे करने का विशेष महात्म है साथ ही रात्रि चार प्रहर के पूजन से जीवन मे धर्म – अर्थ – काम – मोक्ष को साधा जा सकता है निशीथ काल- 15 फरवरी रात्रि 12:09 से 01:01 तक (अवधि: 52 मिनट) प्रथम प्रहर 15 फरवरी शाम 6:37 से 09:45 तक इसमे भगवान शिव को पंचामृत से अभिषेक कर जीवन मे मंगल की कामना करते है और समस्त व्यधियों को दूर करने की प्रर्थना करते है प्रथम प्रहर मे कमजोर चन्द्रमा, राहु केतु जनित ग्रह दोषों को दूर करने के लिये…
बसंत पंचमी पर्व भारतीय जनजीवन को अनेक तरह से प्रभावित करता है। शरद ऋतु के बाद बसंत ऋतु और फसल की शुरूआत होने के साथ ही बसंत पचंमी का त्यौहार मनाया जाता है। माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि से ऋतुराज बसंत का आगमन होता है। माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि बसंत ऋतु के आगमन के उत्साह के साथ माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस होने की दिव्यता लिए है बसंत पंचमी ज्ञान के प्रकाश को धरा पर प्रकाशित होने का पर्व है 23 जनवरी दिन शुक्रवार पंचमी तिथि सुबह 02 :28 पर शुरू हो कर 24 जनवरी…
पंचांग जनवरी 1, 2026, गुरुवार पौष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 10:22 pm तक उपरांत चतुर्दशी | नक्षत्र रोहिणी 10:48pm तक उपरांत म्रृगशीर्षा | शुभ योग 05:12pm, उसके बाद शुक्ल योग | करण कौलव 12:06pm तक, बाद तैतिल 10:22 PM तक, बाद गर | चन्द्रमा वृषभ राशि पर सूर्य धनु राशि पर है त्यौहार और व्रत रोहिणी व्रत,प्रदोष व्रत राहु काल राहू – 1:49 PM – 3:09 pm दिशा शूल दक्षिण दिशा में है यात्रा ना करे दक्षिण दिशा की ओर परिहार – दही खाकर निकले सूर्योदय – 7:12 AM सूर्यास्त – 5:48 PM चन्द्रोदय – Jan 01 3:35 PM चन्द्रास्त -…
पौष पुत्रदा एकादशी – 31.दिसंबर साल की आख़री एकादशी जिस पर भगवान विष्णु का पूजन और दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो संतान सुख, समृद्धि या लंबी आयु की कामना करते हैं। पुत्रदा एकादशी पर दान करने के लिए मुख्य रूप से पीली वस्तुएं: भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय है। आप पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी, केसर, गुड़ और पीले फूल का दान कर सकते हैं। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। अन्न और फल: कच्चे अनाज जैसे गेहूं, चावल, और आटा…
दिसम्बर 12 शुक्रवार पौष कृष्ण पक्ष अष्टमी, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), मार्गशीर्ष | अष्टमी तिथि 02:57 PM तक उपरांत नवमी | नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 05:50 AM तक उपरांत हस्त | प्रीति योग 11:11 AM तक, उसके बाद आयुष्मान योग | करण कौलव 02:57 PM तक, बाद तैतिल 03:43 AM तक, बाद गर | दिशा शूल शुक्रवार – दक्षिण पश्चिम दिशा मे यात्रा करने से पहले जौ खा कर निकले राहु 11:01 AM से 12:20 PM तक है | 10:20 AM तक चन्द्रमा सिंह उपरांत कन्या राशि पर संचार करेगा | सूर्य वृश्चिक राशि पर…
दिसम्बर 07 रविवार पौष कृष्ण पक्ष तृतीया, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), मार्गशीर्ष | तृतीया तिथि 06:25 PM तक उपरांत चतुर्थी | नक्षत्र पुनर्वसु 04:11 AM तक उपरांत पुष्य | शुक्ल योग 08:07 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग | राहु 04:17 PM से 05:36 PM तक है | 10:38 PM तक चन्द्रमा मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा त्यौहार और व्रत संकष्टी गणेश चतुर्थी चन्द्रमा मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा | सूर्य वृश्चिक राशि पर है सूर्योदय – 6:59 AM सूर्यास्त – 5:37 PM चन्द्रोदय – Dec 07 8:15 PM…
06-दिसंबर 2025 पौष कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि 09:25 PM तक उपरांत तृतीया | नक्षत्र म्रृगशीर्षा 08:48 AM तक उपरांत आद्रा 06:13 AM तक उपरांत पुनर्वसु | शुभ योग 11:45 PM तक, उसके बाद शुक्ल योग | करण तैतिल 11:08 AM तक, बाद गर 09:26 PM तक, बाद वणिज | वर्जित समय राहु 09:38 AM से 10:58 AM तक है | ग्रह गोचर चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगें सूर्य वृश्चिक राशि पर है शुभ काल अभिजीत मुहूर्त – 11:56 AM – 12:39 PM अमृत काल – 09:17 PM – 10:43 PM ब्रह्म मुहूर्त – 05:23 AM – 06:11 AM सूर्य…