15 फरवरी- महा शिवरात्रि – भगवान शिव का पूजन निशीथ काल मे करने का विशेष महात्म है
साथ ही रात्रि चार प्रहर के पूजन से जीवन मे धर्म – अर्थ – काम – मोक्ष को साधा जा सकता है

निशीथ काल- 15 फरवरी
रात्रि 12:09 से 01:01 तक (अवधि: 52 मिनट)

प्रथम प्रहर 15 फरवरी
शाम 6:37 से 09:45 तक
इसमे भगवान शिव को पंचामृत से अभिषेक कर जीवन मे मंगल की कामना करते है और समस्त व्यधियों को दूर करने की प्रर्थना करते है

प्रथम प्रहर मे कमजोर चन्द्रमा, राहु केतु जनित ग्रह दोषों को दूर करने के लिये जल मे काले तिल डाल कर भगवान का जलाअभिषेक करे

दूसरा प्रहर 15 फरवरी रात्रि 9:45 से 12:53 तक
दूसरे प्रहर मे बेलपत्र, गंगा जल और गन्ने के रस से अभिषेक करने से समस्त रोगों दूर होते है उन्नति के मार्ग और अवसर प्राप्त होते है

तीसरा प्रहर 15 फरवरी की मध्यरात्रि के बाद 12 : 53 से 03:46
इस मे दूध, दही और विशेष रूप से शहद से अभिषेक करने से समस्त मनोकामना की पूर्ति और गृहस्त सुख मे वृद्धि होती है,

चौथा प्रहर 15 फरवरी की रात के बाद 16 फरवरी की सुबह 03 :46 से 06:59 तक जिसमे मे भगवान शिव पर घी और पुष्प से अभिषेक करने से आर्थिक उन्नति के साथ आध्यात्मिक जागृति होती है

ज्योतिष पृष्ठ पर
इस शिवरात्रि पर – सर्वार्थ सिद्ध योग – के साथ चन्द्रमा और मंगल की युक्ति – चंद्र मंगला – योग का निर्माण कर रही है साथ ही तीन ग्रहो(सूर्य, बुद्ध, शुक्र )की युक्ति पर देव गुरु बृहस्पति की अमृत दृष्टि इन ग्रहो की अनुकूलता प्रदान करने के साथ ही इन की शुभता का विस्तार दे रही होंगी
ऐसी शुभ स्थितियों मे शिवरात्रि का पूजन और भी मंगल कारी रहेगा

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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