नवरात्रि में किए जाने वाले शुभ उपाय 1. आर्थिक समृद्धि के लिए: नवरात्रि में पहले दिन घी का दीपक अखंड ज्योति के रूप में जलाएं। मां लक्ष्मी के मंत्र “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करें। अष्टमी के दिन कन्याओं को लाल वस्त्र और मिठाई भेंट करें। 2. विवाह में बाधा दूर करने हेतु मां कात्यायनी को सुहाग की सामग्रियां चढ़ाएं। प्रतिदिन “ॐ कात्यायन्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। अष्टमी को 9 कन्याओं को भोजन कराकर बड़ों का आशीर्वाद लें। 3. स्वास्थ्य लाभ के लिए चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा कर नारियल का भोग लगाएं।…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
22 सितम्बर 2025 को सूर्य उदय पर अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि प्राप्त होने के कारण नवरात्री महापर्व का आरम्भ 22 SEP से होगा माँ गज पर सवार होकर आ रही है, जो अत्यंत शुभ और सुख-समृद्धि, सौभाग्य की वृद्धि का संकेत है इस बार तिथि वृद्धि के कारण नवरात्री मे भक्तो को नौ नहीं पुरे 10 दिन आदिशक्ति के पूजन का सौभाग्य मिलेगा, और 11वे दिन 2 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाय जायेगा वहीं महा अष्टमी का पूजन 30सितम्बर और नवमी का पूजन 1अक्टूबर को किया जायेगा घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:09 से सुबह 08:06 तक रहेगा। इसके…
पूर्णिमा श्राद्ध या पहला श्राद्ध इस बार ग्रहण होने के कारण पूर्णिमा का श्राद्ध 12 से पहले कर लेना होगा 7 सितबर को क्योंकि 7 दुपहर 12:30 से चंद्र ग्रहण जो भारत मे दृश्य है का सूतक लग जायेगा प्रतिपदा का श्राद्ध 08 सितंबर दूसरी तिथि का श्राद्ध द्वितीया का श्राद्ध 09 सितंबर तीसरी तिथि का श्राद्ध तृतीया तिथि 10 सितंबर चौथी तिथि यानि चतुर्थी का श्राद्ध भी 10 सितंबर 2025 पांचवी तिथि यानि पंचमी का श्राद्ध 11 सितंबर 2025 को है। षष्ठी तिथि का श्राद्ध से है तो आपको 12 सितंबर 2025 सप्तमी तिथि का श्राद्ध 13 सितंबर 2025…
चंद्र ग्रहण इस खग्रास चंद्र ग्रहण रात 9:58 पर होगा। मध्य रात 11:42 पर, मोक्ष (समाप्त) रात 1:26 पर होगा। इस चंद्र ग्रहण , के सूतक काल का आरंभ दोपहर में 12:58 से होगा। ग्रहण काल में क्या करें ग्रहण आरम्भ से समाप्त होने तक अपने इष्ट देव का स्मरण, मंत्र जाप आदि करना चाहिए, इस समय की गई ईष्ट आराधना और दान सभी विपरीत प्रभावो को खत्म करता है, ग्रहण जनित प्रभाव 15 दिन अधिक प्रभावी रहते है राशि फल मेष – अनुमानित लाभ मे कमी, प्रयास सफल, नये अनुबंध और कार्य बनेगे पर विवादों से बहुत बचे वृषभ-…
भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर 1 :54 पर आरम्भ हों कर 27 अगस्त की दोपहर 3: 44 पर समाप्त होगी, उदया तिथि के आधार पर 27 को भगवान गणेश को विराजमान करा कर पूजन आरम्भ करना चाहिये ——- भगवान् गणेश का पूजन उन्ही के दिन बुधवार को और माध्यन के समय पर तिथि का मिलना इस की शुभता और बढ़ता है 27 अगस्त को दुपहर 11 :45 से 1:45 के मध्य हों सके तो ईशान कोण मे पीले या लाल आसन विराजमान कराये और ऐसा स्थान भी लें जहाँ से ज्यादा से ज्यादा…
साल 2025 का दूसरा चंद्रग्रहण जल्द ही लगने जा रहा है यह चंद्र ग्रहण हिंदू संवत के अनुसार, पहला चंद्रग्रहण होगा। सितंबर में लगने जा रहा यह चंद्र ग्रहण पितृपक्ष की शुरुआत में ही लगने जा रहा है। सितंबर 2025 में लगने जा रहा यह चंद्रग्रहण भारत में दृश्य होगा। ज्योतिष में चंद्रग्रहण को बेहद ही अहम खगोलीय घटना माना गया है। आइए जानते हैं चंद्रग्रहण का समय और सूतक काल का समय कब से कब तक रहेगा। कब लगेगा सितंबर 2025 चंद्रग्रहण साल 2025 का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि यानी 7 सितंबर को लगने जा रहा है और…
शनि अमावस्या भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत- 22 अगस्त को दिन में 11 बजकर 55 मिनट पर अमावस्या तिथि का समापन- 23 अगस्त को दिन में 11 बजकर 35 मिनट पर पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। इसे शनिचरी अमावस्या भी कहते हैं. हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि को बहुत विशेष माना जाता है. साल 2025 में अगस्त माह की अमावस्या को भाद्रपद माह की अमावस्या के नाम से जाना जाता है. अमावस्या तिथि पितरों का तर्पण करने और श्राद्ध के लिए सबसे उत्तम तिथि मानी जाती है. इस दिन स्नान, दान का विशेष महत्व…
सावन पूर्णिमा तिथि 08 अगस्त को दोपहर 02 :12 आरम्भ हों कर 09 अगस्त को दुपहर 01: 24 मिनट पर समाप्त होगी पर 8 को पूर्णिमा तिथि का आरम्भ विष्टि करण यानी भद्रामें होगा भद्रा की समाप्ति 8 अगस्त रात्रि 01:55 पर हों जायेगा सर्वार्थ सिद्ध योग जो 9अगस्त को 05:30 से 2:30 तक रहेगा जिसमे रक्षा सूत्र बाँधने और बंधवाने से सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं, ज्योतिषचार्या डॉ.स्वाति सक्सेना संस्थापक अंतरंग फाउनडेशन
सावन मास की प्रथम एकादशी का शुभ संयोग सोमवार के दिन चन्द्रमा के नक्षत्र रोहणी में होना इस दिन की दिव्यता और शुभता को कई गुना बढ़ा देता हैं चन्द्रमा को धारण किये भगवान् चंद्रमोली का पूजन और अभिषेक समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाली कमिका एकादशी पर किया जायेगा, एकादशी तिथि भगवान विष्णु की अति प्रिय हैं | इस लिए समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाली कमिका एकादशी पर सावन सोमवार व्रत कर भगवान शिव की कृपा और भगवान विष्णु के आशीर्वाद से भक्तो की झोली भरेगी —— रोहणी नक्षत्र में सोमवार के पुरे दिन सर्वाथ सिद्ध योग और…