दिसम्बर 02 मंगलवार
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वादशी, तिथि 03:57 PM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र अश्विनी 08:51 PM तक उपरांत भरणी | करण बालव 03:57 PM तक, बाद कौलव 02:14 AM तक, बाद तैतिल |
गण्डमूल नक्षत्र
Dec 01 11:18 PM – Dec 2 08:51 PM (Ashwini)
चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)
सूर्य वृश्चिक राशि पर है
त्यौहार और व्रत
त्रयोदशी व्रत
भौम प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 6:56 AM
सूर्यास्त – 5:36 PM
चन्द्रोदय – Dec 02 3:14 PM
चन्द्रास्त – Dec 03 4:48 AM
शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त – 11:54 AM – 12:37 PM
अमृत काल – 02:23 PM – 03:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 05:20 AM – 06:08 AM
वर्जित समय
राहुकाल दोपहर 02:47 बजे से शाम 04:06 बजे तक (इस दौरान कोई शुभ कार्य न करें)
दिशा शूल: उत्तर दिशा।
दिन: मंगलवार।
यदि यात्रा करना अनिवार्य हो तो, उपाय के तौर पर यात्रा से पहले थोड़ा अदरक खाकर या अन्य उपाय (जैसे चौघड़िया मुहूर्त देखकर) करके यात्रा की जा सकती है।
ग्रह गोचर
राहु गोचर (2 दिसंबर, 2025)
नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र
प्रभाव: राहु का शतभिषा नक्षत्र में गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन यह मिथुन राशि के जातकों के लिए आर्थिक लाभ, नए अवसरों और व्यापार में वृद्धि के संकेत दे रहा है।
Astrologer Dr. Swati Saxena
स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।