ऐसे रखें कैश काउंटर वास्तु के मुताबिक किसी भी दुकान के लिए कैश काउंटर का बहुत अहम स्थान होता है। वहीं वास्तु शास्त्र के हिसाब से हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में कैश काउंटर को रखना चाहिए। दक्षिण-पूर्व दिशा भगवान अग्नि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि चारों तरफ से धन को आकर्षित करने के लिए इस स्थान पर कैश काउंटर रखना चाहिए। जो भी व्यक्ति अपनी दुकान में कैश काउंटर को दक्षिण-पूर्व दिशा में होता है। वह काफी आगे बढ़ने के साथ अपने व्यवसाय में भी बहुत मुनाफा कमाता है। वहीं दक्षिण मुखी दुकान में उत्तर या पूर्व दिशा…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
किस दिशा की कौन सी दुकान देती है शुभ परिणाम दुकान का वास्तु यदि ठीक है तो व्यापार में वृद्धि और विस्तार दोनों करने में एक दैवीय सहयोग मिलता है. वास्तु कैसा मिलेगा यह बहुत कुछ अपने हाथ में नहीं यह सब प्रारब्ध से कनेक्ट है. दुकान किस दिशा में होगी यह खरीदते समय चुनाव की जा सकती है लेकिन परिस्थिति और उपलब्धता का भी इसमें बहुत अहम रोल होता है. मानिये किसी के पास दक्षिण मुखी दुकान पहले से ही है दुकान अच्छी मार्केट में है और वर्तमान परिस्थिति में दूसरी दुकान लेने की क्षमता नहीं है तो क्या…
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हनुमान जी के 12 नाम Hanuman ji ke 12 Naam ॐ हनुमान ॐ अंजनी सुत ॐ वायु पुत्र ॐ महाबल ॐ रामेष्ट ॐ फ़ाल्गुण सखा ॐ पिंगाक्ष ॐ अमित विक्रम ॐ उदधिक्रमण ॐ सीता शोक विनायक ॐ लक्ष्मण प्राण दाता ॐ दशग्रीव दर्पहा इस श्री आञ्जनेय द्वादशनाम स्तोत्रम का पाठ 11 बार करना चाहिए। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। श्री आंजनेय द्वादशनामस्तोत्रम् हनुमानंजनासूनुः वायुपुत्रो महाबलः । रामेष्टः फल्गुणसखः पिंगाक्षोऽमितविक्रमः ॥ १॥ उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशकः । लक्ष्मण प्राणदाताच दशग्रीवस्य दर्पहा ॥ २॥ द्वादशैतानि नामानि कपींद्रस्य महात्मनः । स्वापकाले पठेन्नित्यं यात्राकाले विशेषतः । तस्यमृत्यु…
आईना जो आप की सूरत ही नहीं दिखता बल्कि आनेवाले समय को भी बताता हैं
शयन कक्ष 1- किसी भी घर में जितना पूजाघर, रसोई घर, महत्वपूर्ण हैं उतना ही शयन कक्ष भी महत्व रखता हैं शयन कक्ष की दिशा अगर वास्तु शास्त्र के अनुसार हैं तो घर का बैडरूम – दक्षिण -पश्चिम,उत्तर, पूरब में हो सकता हैं 2- पर पूर्वोत्तर या दक्षिण-पूर्व के कोने पर बेड रूम शयन कक्ष से बचना चाहिए, दक्षिण-पश्चिम दिशा में बेडरूम -स्वास्थ्य समृद्धि और दीर्घायु , प्रदायक होता हैं 3- घर के पूर्वोत्तर या दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में बेडरूम से बचें। दक्षिण-पूर्व में बेडरूम विवाद झगड़े और आपसी समँझस में कमी करता हैं पूर्वोत्तर में बेडरूम से स्वास्थ्य की समस्या…
एकादशी पर अन्न का त्याग किया जाता हैं विशेष रूप से चावल का त्याग कर व्रत संपन्न किया जाता हैं एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है.इस दिन चावल खाना पाप माना गया हैं. भूलकर भी इस दिन चावल नहीं खाना चाहिए. ऐसा क्यू हैं एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते- पौराणिक कथा के अनुसार मां भगवती के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपने शरीर का त्याग कर दिया था और उनका अंश पृथ्वी में समा गया था. जिसके बाद चावल और जौ के रूप में महर्षि मेधा उत्पन्न हुए थे. इसलिए चावल और जौ को जीव…
वैशाख, श्रावण, कार्तिक, मार्गशीर्ष और फाल्गुन मास में करना चाहिये। इससे आरोग्य तथा धन-धान्य की प्राप्ति होती है। नींव खोदते समय यदि भूमि के भीतर से पत्थर या ईंट निकले तो आयु की वृद्धि होती है। यदि राख, कोयला, भूसी, हड्डी, कपास, लोहा आदि निकले तो रोग तथा दुःख की प्राप्ति होती है। गृह का आकार चौकोर तथा आयताकार मकान उत्तम होता है। आयताकार मकान की चौड़ाई की दुगुनी से अधिक लम्बाई नहीं होनी चाहिये। कछुए के आकार वाला घर पीडादायक है। कुम्भ के आकार वाला घर कुष्ठरोग प्रदायक है। तीन तथा छ: कोण वाला घर आयु का क्षयकारक है।…
वास्तु मातानुसार घर बनवाने के लिए किस तरह भूमि की अनुकूलता को समझें भूमि-परीक्षा भूमि के मध्य में एक हाथ लंबा, एक हाथ चौड़ा और एक हाथ गहरा गड्ढा खोदे। खोदने के बाद निकाली हुई सारी मिट्टी पुनः उसी गड्ढे में भर दे। यदि घड़ा भरने से मिट्टी शेष बच जाय तो वह उत्तम भूमि है। यदि मिट्टी गड्ढे के बराबर निकलती है तो वह मध्यम भूमि है और यदि गड्ढे से कम निकलती है तो वह अधम भूमि है। दूसरी विधि उपर्युक्त प्रकारसे गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर दे और उत्तर दिशा की ओर सौ कदम चले, फिर लौटकर…
दुनिया में हर किसी की यही जरूरत है कि उसका अपना एक घर हो और उसका अपना वाहन हो। आइए जानें कुंडली के कौन से योग आपको वाहन और घर का सुख दे सकते हैं और इन्हें पाने के लिए क्या किया जा सकता है? अपना घर खरीदने या बनाने के लिए चन्द्र और मंगल कुंडली में मजबूत होने चाहिए। जिनकी कुंडली में चौथा भाव बली हो उसका घर अवश्य बनेगा। जितने बली ग्रह चौथे भाव पर होंगे उतने ही घर जातक के होंगे लेकिन अगर राहु का प्रभाव चौथे भाव पर हो तो वह अपने घर का सुख नहीं…