अक्टूबर 18 शुक्रवार कार्तिक कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), आश्विन | प्रतिपदा तिथि 01:15 PM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र अश्विनी 01:26 PM तक उपरांत भरणी | वज्र योग 09:34 PM तक, उसके बाद सिद्धि योग | करण कौलव 01:15 PM तक, बाद तैतिल 11:30 PM तक, बाद गर |
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
अक्टूबर 17 गुरुवार आश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081,शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), आश्विन | पूर्णिमा तिथि 04:56 PM तक उपरांत प्रतिपदा | नक्षत्र रेवती 04:20 PM तक उपरांत अश्विनी | हर्षण योग 01:41 AM तक, उसके बाद वज्र योग राहु 01:37 PM से 03:03 PM तक है | 04:20 PM तक चन्द्रमा मीन उपरांत मेष राशि पर संचार करेगा
अक्टूबर 17 गुरुवार मेष व्यर्थ की भागदौड़ रह सकती है। संबंधों में तनाव परेशान कर सकता है। सरकारी कार्यो में गति आएगी। स्वाथ्य अनुकूल। व्यापार और जॉब दोनो में सामान्य स्थितियां। वृषभ आय और व्यय बना रहेगा। पर निवेश में हानि सम्भव। पारिवारिक तनाव भी मिलसक्ता है। स्वाथ्य अनुकूल स्वजनो का साथ मिलेगा। व्यापार उत्तम। मिथुन आज लाभ मध्यम रहेगा,जॉब में सहजता रहेगी। यात्रा के योग बन रहे है।आर्थिक पक्ष को लेकर सजग रहे, स्वाथ्य उत्तम कार्य क्षेत्र मे सहयोग मिलेगा कर्क आज किसी भी परिस्थिति पर रुके रहने से आप को तनाव मिलेगा क्रोध वश काम बिगड़ सकते हैं।लाभ…
शरद पूर्णिमा पर 16 कलाओ से युक्त चन्द्र देव अपनी पूर्ण आभा बिखेरते हैं जो स्वागत हैं माँ लक्ष्मी का, जो स्वागत हैं गोपी भाव का जिसने स्त्री पुरुष के भेद से ऊपर उठ कर अपनी समस्त कामनाओं की पूर्णता भगवान श्री कृष्ण को कृपा बरसाने पर विवश कर दिया,और शरद पूर्णिमा की रात्रि मे हर गोपी भाव को अपनी शरण मे लिया और दिव्य महारास मे प्रवेश किया इस लिये शरद पूर्णिमा को अमृतपूर्ण रात्रि कहाँ जाता हैं जहाँ तृप्ती का अमृत बरसता हैं आज की रात मन को औषधि रूप मे चंद्र ऊर्जा उन के आराध्य के साक्षात्…
मेष आज रुका धन मिलसकता हैं,मन की चंचलता पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग, व्यवसाय में वृद्धि होगी। कार्य बनेंगे। वृष व्यवसाय में विस्तार रहेगा,आय में वृद्धि होगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। विरोधी सक्रिय, जॉब अनुकूल स्वास्थ्य उत्तम मिथुन बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। जॉब में अनुकूलता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे कर्क आज का दिन मध्यम,कार्य में रुकावट होगी। आय में कमी तथा नौकरी में कार्यभार रहेगा। बेवजह लोगों से कहासुनी हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद हो सकते…
अक्टूबर 14 सोमवार आश्विन शुक्ल पक्ष एकादशी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), आश्विन | एकादशी तिथि 06:41 AM तक उपरांत द्वादशी तिथि 03:42 AM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र शतभिषा 12:42 AM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा | गण्ड योग 06:01 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग | राहु 07:53 AM से 09:20 AM तक है | चन्द्रमा कुंभ राशि पर संचार करेगा
अक्टूबर 11 शुक्रवार आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), आश्विन | अष्टमी तिथि 12:07 PM तक उपरांत नवमी | नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 05:25 AM तक उपरांत श्रवण | सुकर्मा योग 02:46 AM तक, उसके बाद धृति योग | करण बव 12:07 PM तक, बाद बालव 11:38 PM तक, बाद कौलव | को राहु 10:46 AM से 12:13 PM तक है | 11:41 AM तक चन्द्रमा धनु उपरांत मकर राशि पर संचार करेगा |
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अक्टूबर 11 शुक्रवार आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), आश्विन | अष्टमी तिथि 12:07 PM तक उपरांत नवमी | नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 05:25 AM तक उपरांत श्रवण | सुकर्मा योग 02:46 AM तक, उसके बाद धृति योग | करण बव 12:07 PM तक, बाद बालव 11:38 PM तक, बाद कौलव | को राहु 10:46 AM से 12:13 PM तक है | 11:41 AM तक चन्द्रमा धनु उपरांत मकर राशि पर संचार करेगा |
सन्धि काल का पूजन पूरी करायेगा सभी मनोकामनाएं अष्टमी तिथि का आरंभ 10 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से हो रहा है। जो अगले दिन 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। तत्पश्चात नवमी तिथि का आरम्भ होगा, 11 को ही अष्ठमी तिथि का पूजन श्रेष्ठ क्यु 11 को उदिया तिथि के आधार के साथ अष्टमी और नवमी का साथ होना अपने मे एक श्रेष्ठ योग का निर्माण करता हैं अष्टमी खत्म होने और नवमी शुरू होने से 32 मिनट पहले का समय सन्धि काल जिस पर माँ भगवती के नौ स्वरूपो की साक्षात्…