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सन्धि काल का पूजन पूरी करायेगा सभी मनोकामनाएं

अष्टमी तिथि का आरंभ 10 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से हो रहा है। जो अगले दिन 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। तत्पश्चात नवमी तिथि का आरम्भ होगा,
11 को ही अष्ठमी तिथि का पूजन श्रेष्ठ क्यु 
11 को उदिया तिथि के आधार के साथ अष्टमी और नवमी का साथ होना अपने मे एक श्रेष्ठ योग का निर्माण करता हैं
अष्टमी खत्म होने और नवमी शुरू होने से 32 मिनट पहले का समय सन्धि काल जिस पर माँ भगवती के नौ स्वरूपो की साक्षात् कृपा बरसती हैं इस बार 11 को सन्धि काल पर पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा
11:25 दुपहर से आरम्भ हो कर 12:05 दुपहर तक रहेगा

इस समय माँ को रोली अक्षत से पूजन कर,पान सुपारी और नयवेध्य के साथ नारियल अर्पित करे, साथ ही नौ जगह सफेद पुष्प, दुग्ध मिष्ठान और धन अर्पित कर उसे छोटी कन्याओ को बाँट दे,

माँ भगवती प्रसन्न हो कर सभी मनोकामना पूरी करती हैं
ज्योतिषाचार्य स्वाति सक्सेना

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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