मेष आज आत्मविश्वास मे वृद्धि होगी, मनोबल बढेगा,जॉब सम्बन्धी अडचने दूर होगी, लाभ प्राप्त कर पायेगे, स्वास्थ्य उत्तम, लेनदेन और निवेश कर सकते है वृषभ आज पराक्रम को भाग्य का साथ मिलेगा,यात्रा भी करनी पड़ सकती है,मान सम्मान और यश का दिन रहेगा,कार्यों मे संतुलन रखने की जरूरत है,स्वाथ्य अनुकूल, विद्यार्थियों के लिए समय उत्तम मिथुन आज व्यापारिक वृद्धि का दिन है, कार्यक्षेत्र मे अनुकूलता मिलेगी,पारिवारिक वृद्धि,सांझेदारी मे लाभ, स्वाथ्य उत्तम, एकाग्रता से कार्य करे सफल रहेंगे कर्क सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। व्यापारिक विस्तार कर सकते है। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक सुख…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
माँ शैलपुत्री की पूजा में कौन से मन्त्र का जाप करें? माँ दुर्गा के प्रथम स्वरुप का पूजन ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नम: मन्त्र से जप,सफेद रंग के कपडे पहन कर करे ——————————————– दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम लाल रंग के वस्त्र धारण कर के माँ ब्रह्मचारिणी का पूजन और जप करे ——————————————– तीसरे दिन माँ चन्द्रघण्टा का पूजन और जप करना चाहिये ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघंटायै नम: मंत्र का जप हल्के नीले रंग से करना चाहिये ——————————————– चौथे दिन माँ कूष्माण्डा का जप और पूजन करना चाहिये ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै…
अक्टूबर 2024 4 बड़े ग्रहों सूर्य,बुध,शुक्र और मंगल का राशि परिवर्तन गुरु की वक्र गति . 09 अक्टूबर -गुरु ग्रह की वक्र गति ——————————————- 9 अक्टूबर को दोपहर 12:33 बजे से गुरु ग्रह अपनी वक्र गति से गोचर आरम्भ करेंगे 10 अक्टूबर – बुद्ध ग्रह ——————————- सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश करेंगे 13 अक्टूबर – शुक्र ग्रह ——————————– शुक्र ग्रह वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे 13 अक्टूबर को सुबह 6:8 मिनट पर 17 अक्टूबर -सूर्य देव —————————— सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर होगा. सूर्य देव तुला राशि में गोचर करेंगे 20 अक्टूबर – मंगल…
अक्टूबर 05 शनिवार आश्विन शुक्ल पक्ष तृतीया, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), आश्विन | तृतीया | नक्षत्र स्वाति 09:33 PM तक उपरांत विशाखा | विष्कुम्भ योग 06:08 AM तक,
Navratri festival dates in 2024 Day & Date Festival Tithi Thursday, October 03 Ghatasthapana Pratipada Friday, October 04 Maa Brahmacharini Puja Dwitiya Saturday, October 05 Maa Chandraghanta Puja Tritiya Sunday, October 06 Maa Kushmanda Puja Chaturthi Monday, October 07 Maa Skandamata Puja Panchami Tuesday, October 08 Maa Katyayini Puja Shashti Wednesday, October 09 Maa Kaalratri Puja Saptami Thursday, October 10 Maa Maha Gauri Puja Ashtami Friday, October 11 Maa Siddhidaatri Puja, Maha Navami Navami Saturday, October 12 Vijay Dasami Dasami Navratri: Nine Avatars of Goddess Durga For nine nights, people observe the festival with utmost devotion and prayers. Each day is…
नवरात्रि 03 से 11अक्टूबर अश्विनी शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवरात्रि महापर्व का आरम्भ उदिया तिथि के आधार पर 3 अक्टूबर गुरूवार को माँ पालकी पर सवार हो कर पृथ्वी पर पधारेगी नवरात्रि का आरम्भ प्रतिपदा 3अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ किया जायेगा, कलश स्थापना – हस्त नक्षत्र और शुभ मुहूर्त मे करने से सभी मनोकामनायें पूर्ण होती हैं और आशीर्वाद स्वरूप सकरात्मक ऊर्जा का प्रवाह मिलता हैं पहला मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक है. वही स्थिर लग्न 09:30 से 11:40 मिनट सुबह तक , घट स्थापना के लिये अत्यंत शुभ मुहूर्त रहेगा…
Pitru Paksha (पितृपक्ष) पितृपक्ष या पितरपख, १६ दिन की वह अवधि (पक्ष/पख) है जिसमें हिन्दू लोग अपने पितरों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं और उनके लिये पिण्डदान करते हैं। इसे ‘सोलह श्राद्ध’, ‘महालय पक्ष’, ‘अपर पक्ष’ आदि नामों से भी जाना जाता है।[2] गीता जी के अध्याय ९ श्लोक २५ के अनुसार पितर पूजने वाले पितरों को, देेव पूजने वाले देवताओं को और परमात्मा को पूजने वाले परमात्मा को प्राप्त होते हैं।[3]अर्थात् मनुष्य को उसी की पूजा करने के लिए कहा है जिसे पाना चाहता है अर्थात समझदार इशारा समझ सकता है कि परमात्मा को पाना ही श्रेष्ठ है। अतः अन्य पूजाएं (देवी-देवता और पितरों की) छोड़…
भद्रा भगवान सूर्य और छाया की पुत्री और शनिदेव की बहन मानी जाती हैं। अपने भाई शनिदेव की तरह ही भद्रा का स्वभाव भी बहुत कठोर माना जाता है। वह हर शुभ कार्य में बाधा डालती थीं। ऐसे में उनके पिता सूर्यदेव ने भ्रदा पर नियंत्रण पाने के लिए ब्रह्माजी से मदद मांगी। इसलिए ब्रह्माजी ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए, एक निश्चित समय अवधि पर, एक निश्चित स्थान पर रुकने का निर्धारण किया इसी कारण विशिष्ट करण को भद्रा काल निर्धारित किया गया और क्रमशः भद्रा पृथ्वी लोक स्वर्गलोक और पाताल लोक मे वास करती हैं जब चंद्रमा, मेष,…
दुकान के लिए कौन सा कलर शुभ होता है? 1- अगर आपकी दुकान या व्यवसाय स्थल उत्तर पूर्व मतलब ईशान कोण में है तो दुकान का रंग हल्का नीला, भूरा या ग्रे करवाना चाहिए। 2- यदि आपकी दुकान दक्षिण पूर्व में है तो आपको अपनी दुकान में पिंक,ऑरेंज या वॉयलेट रंग करवाना चाहिए। 3- अगर आपकी दुकान उत्तर पश्चिम में हैं तो आपको अपनी दुकान में सफेद या सिल्वर रंग में रंगवाना चाहिए। दुकान के शटर पर कौन सा कलर करना चाहिए? यदि आपकी तोहफो की दुकान है तो आपको अपनी दुकान में पीला, आसमानी और हल्का गुलाबी या नीले…
Vastu Tips इस दिशा में बैठे मालिक अगर आपकी अपनी दुकान है तो दुकान में बैठने के दौरान आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। क्योंकि यह ब्रह्म स्थान भी कहा जाता है। इसलिए यह केंद्र स्थान पूरी तरह से बाधा रहित होना चाहिए। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि दक्षिण मुखी दुकान में मुख्य द्वार पर कोई भी भारी सामान नहीं रखना चाहिए। दुकान के मालिक को कुर्सी के साथ दुकान की तिजोरी को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इसके अलावा दुकान के गल्ले यानी के पैसे वाले डिब्बे का मुख और मालिक की कुर्सी…