Author: Astrologer Dr. Swati Saxena

स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन के साथ रंगों के त्यौहार होली की शुरुवात होती है इस बार पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10 :35 से आरम्भ हो कर 14 मार्च को दोपहर 12: 35 तक रहेगी. 14 मार्च को दुपहर 12:35 के बाद प्रतिपदा तिथि 15 दुपहर 2:35 तक रहेगी जिस मे रंग खेला जायेगा होलिका दहन का पूजन पूर्णिमा व्यापतनी निशित काल मे करने का विधान है इस बार होलिका दहन गुरूवार के दिन शुक्र के नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी मे 13 मार्च 2025 को रात्रि 11:26 से आरम्भ हो कर मध्य रात्रि तक किया जा…

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फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा तक रहता होलाष्‍टक , होलाष्‍टक  का अंत होलिका दहन के साथ हो जाता है. यह समय बहुत उग्र तथा नकारात्मक उर्जा से भरा रहता है इस वर्ष  7  मार्च से शुरू हो कर नाकारात्मक समय 13 मार्च फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के साथ समाप्त होगा ,13 को होलिका दहन और 14 को रंग खेला जायेगा, होलाष्टक  7  मार्च,से ही शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किये जायेगे, किसी भी प्रकार कि नयी शुरुवात इस समय नहीं करनी चाहिए, अष्टमी से ही प्रत्येक ग्रह अपने उग्र स्वरुप और…

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शुक्र वक्री गोचर 02 मार्च 2025 | शुक्र वक्री: 02 मार्च 2025, रविवार को प्रातः 06:04 पर |शुक्र मार्गी: 13 अप्रैल 2025, रविवार को प्रातः 06:31 पर शुक्र वक्री की अवधि = 80 दिन शुक्र 2 मार्च से चलेंगे उल्टी चाल मेष राशि शुक्र आपके बारहवें स्थान पर वक्री हुए है। सुखो मे वृद्धि के साथ, जीवन मे सहयोग और सरलता मिलेगी, संतान सुख प्राप्त होगा पर, अनैतिक आचरण से बचे वृष राशि शुक्र आपके ग्यारहवें स्थान पर वक्री हुये है। आय वृद्धि के साथ काम सफल होंगे नये अवसर मिलेंगे, दाम्पत्य जीवन मे सहजता रहेगी पर अत्याधिक उम्मीद रखना…

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उदया तिथि के आधार पर 26 फरवरी को बुधवार के दिन महाशिवरात्रि – त्रिग्रही योग के साथ सुख और वैभव प्रदायक शुक्र देव, बृहस्पति देव की राशि मीन,अपनी उच्च राशि मे होंगे विराजमान, वहीं गृहस्त सुख प्रदायक बृहस्पति देव शुक्र की राशि वृषभ मे होगे विराजमान, इस शुभ संयोग मे महा शिवरात्री पर भगवान शिव पर केसर युक्त दुग्ध से अभिषेक करने से विवाह मे हो रहे विलम्भ दूर होते है और गृहस्ती सुख बढ़ता है, वहीं अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ मे शनि देव सूर्य और बुद्ध के साथ विराजमान होंगे जिस संयोग मे कर्म फल प्रदायक शनि…

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मार्गी मंगल कर देगा मालामाल 24 फरवरी, 2025 को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर मंगल मिथुन राशि में ही मार्गी होने जा रहे हैं। मंगल की सीधी चाल अचानक बड़े बदलाव और उत्तेजित स्वभाव और आगजनी,तेज रफतार की वज़ह से होने वाले एक्सीडेंड मे बहुत हद तक कमी आएगी… शेयर मार्किट की अचानक गिरावट भी थम सकती है मेष राशि मंगल प्रधान राशि मेष के लिये,मार्गी मंगल, पराक्रम और भाग्य का साथ देगा, लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। साथ ही परिवारिक रिश्तो मे सुधार रहेगा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता…

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फाल्गुन कृष्ण पक्ष पंचमी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), माघ | पंचमी तिथि 04:53 AM तक उपरांत षष्ठी | नक्षत्र चित्रा | शूल योग 08:54 AM तक, उसके बाद गण्ड योग | करण कौलव 03:34 PM तक, बाद तैतिल 04:53 AM तक, बाद गर | फरवरी 17 सोमवार को राहु 08:26 AM से 09:51 AM तक है | 06:02 PM तक चन्द्रमा कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा

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तिलक लगाने का नियम क्या ईश्वर को तिलक अर्पित करने और स्वयं को तिलक लगाने का कोई अलग विधान है भगवान को तिलक अर्पित करने के लिये रोली और चंदन का प्रयोग मुख्यता करना चाहिये और अनामिला उंगली से तिलक अर्पित करना चाहिये| वहीं अगर खुद को तिलक लगाना हो तो हमेशा स्नान-ध्यान करने के बाद उत्तर दिशा की ओर मुख करके दोनों भौहों के मध्य यानि आज्ञा चक्र पर तिलक लगाना चाहिए. ईश्वर को जहां तिलक अनामिका अंगुली से तो वहीं स्वयं को मध्यमा या अंगूठे से लगाना चाहिए. भगवान को तिलक लगाने के साथ-साथ खुद को तिलक लगाने…

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12 फरवरी से 13मार्च – सूर्य देव का राशि परिवर्तन  – मकर राशि से निकल कर कुम्भ मे होंगे विराजमान-(12फरवरी से 13मार्च ) सूर्य देव शनि देव के साथ उन्ही की राशि कुम्भ मे विराजमान होंगे, पुरे माह और वही बुद्ध देव के साथ बुद्ध आदित्य योग का निर्माण होगा, और इस बीच बृहस्पति देव की पूर्ण दृष्टि रहे गी इस ग्रह गोचर पर, ये बदलाव पुरे एक माहा अपना प्रभाव राशियों पर रखेगा, *मेष – वृद्धि और लाभ का समय* सुखद बदलाव, कारोबार मे लाभ, रहेगा, सुखो मे वृद्धि, वहीं 24 feb तक इन प्रभावो को पाने के लिए…

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मेष आज विवादों से बचे नहीं तो बनते हुए काम भी बिगाड़ सकते हैं, विरोधी सक्रिय रहेंगे, व्यापारिक लेनदेन सामान्य, आय में वृद्धि, स्वास्थ्य अनुकूल वृषभ आज भावनात्मक दिन रहेगा पारिवारिक रिश्तों में सुधार, नये काम शुरू करने का समय रहेगा, विद्यार्थी वर्ग के लिए अनुकूल समय स्वास्थ्य उत्तम मिथुन भगदौड़ भरा दिन रहेगा, पराक्रम को भाग्य का साथ मिलेगा, जब और व्यापार में नई योजनाओं के तहत कार्य करना सार्थक रहेगा स्वास्थ्य लाभ व धनार्जन सहज कर्क आज अपनी बुद्धि और विवेक के बल पर कार्य बन पाएंगे, बड़ों का आशीर्वाद लेकर कार्य करें निश्चित तौर पर सफल रहेंगे,…

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फरवरी 13 गुरुवार फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), माघ | प्रतिपदा तिथि 08:22 PM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र मघा 09:07 PM तक उपरांत पूर्व फाल्गुनी | शोभन योग 07:31 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग राहु 02:05 PM से 03:29 PM तक है | चन्द्रमा सिंह राशि पर संचार करेगा

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