14 मार्च 2026 रात्रि 1:08 पर सूर्य मीन राशि मे प्रवेश करेंगे, इस लिये 15 मार्च से खरमास होगा आरम्भ
जो सूर्य के मेष मे गोचर आरम्भ करते ही समाप्त हों जायेगा यानी 15अप्रेल को होगा समाप्त
जब सूर्य का गोचर बृहास्पति प्रधान राशियों से हों कर गुजरता है तो वो महीना शुभ कार्यो
खास कर वैवाहिक, गृह प्रवेश मुंडन या जनेऊ संस्कार बिल्कुल भी नहीं किये जाते
नया व्यापार शुरू करना, भूमि पूजन, और घर या वाहन की खरीदारी जैसे सभी मांगलिक कार्य भी वर्जित होते हैं। ये समय पूरे एक महीने का होता है क्युकी सूर्य पूरे एक महीने एक राशि मे रहते है इस कारण सूर्य जिन एक महीनों मे धनु और मीन मे गोचर करते उसी महा को खरमास के नाम से बुलाया जाता है
खरमास में वर्जित कार्य: विवाह और सगाई: विवाह या सगाई जैसे वैवाहिक आयोजन।
गृह प्रवेश और निर्माण: नए घर में प्रवेश या नए मकान का निर्माण शुरू करना।
संस्कार: मुंडन, जनेऊ (यज्ञोपवीत), नामकरण आदि 16 शुभ संस्कार।
नहीं करने चाहिये
व्यापार और खरीदारी: नए बिजनेस की शुरुआत, नई नौकरी, या कोई बड़ी संपत्ति/वाहन की खरीदारी।
से बचना चाहिये
तामसिक भोजन: मांस-मछली, अंडा, लहसुन और प्याज का सेवन। करने से बचना चाहिये ये स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओ को बढ़ा सकता है
क्या करें (विशेष): यह महीना भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा, दान-पुण्य, और मंत्र जप के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।धार्मिक आयोजनों और स्वाध्याय मे रहना चाहिये,
