वास्तु शास्त्र में उत्तर-पश्चिम दिशा को वायव्य कोण के रूप में भी जाना जाता है। यह दिशा बेहद महत्वपूर्ण है। चंद्रमा वायव्य दिशा के स्वामी ग्रह है और वायु देव इस दिशा के अधिपति हैं। यह दिशा वायु के प्रवेश के लिए आदर्श स्थान है क्योंकि यह एक प्रकार से गर्म और ठंडे क्षेत्रों का मिलन बिंदु है उत्तर-पश्चिम (North west) दिशा हमें दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं शक्ति प्रदान करती है इस दिशा में oxygen की प्रचुरता होती है । और इसी दिशा का प्रयोग कर के घर मे वायु को संतुलित कर सकते हैं । कोई भी साधारण कंपास से…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
वैशाख मास माहात्म्य नक्षत्र मंडल में विशाखा 16वां नक्षत्र है । जिस के अधिपति देव गुरु बृहस्पति। धार्मिक कार्यो और उपासना के लिए श्रेष्ट माह है।विशाखा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इसको इस मास का नाम वैशाख है।नव संवत्सर का ये दूसरा महीना है। वैशाख मास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना कहा जाता है। कार्तिक, माघ और वैशाख के महीने वर्ष के सर्वश्रेष्ठ महीने माने जाते हैं। 🙏🏻 वैशाख मास धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष – चारों पुरुषार्थों को देनेवाला है ।🙏🏻 देवर्षि नारदजी राजा अम्बरीष से कहते हैं : ‘‘राजन् ! जो वैशाख में सूर्योदय से पहले भगवत्-चिंतन…
वास्तु शास्त्र के अनुसार 👉घर में रखा टूटा हुआ कांच या दरार वाला शीशा, टूटा हुआ पलंग, करता हैं आपके शुक्र को खराब ,घर मे सुख सुविधायो की कमी रहती हैं । 👉बेकार बर्तन, बंद पड़ी घड़ी, इलेक्ट्रोनिक्स के बेकार सामान, टूटा हुआ दरवाजा –करता हैं आप के मंगल ग्रह को खराब ,जो रोकता है आप के घर की किस्मत को, उन्नति को और पराक्रम के भाव को | 👉भगवान की दूषित मूर्ति, टूटा हुआ फर्नीचर, खराब तस्वीरें — करता है केतु ग्रह को खराब, जो परिवार के लोगो मे आपसी अलगाव को बढ़ाता हैं। हर चीज में रहती हैं…
जय श्री हरिआज 4.april.2021 को आनेवाले वेस्ट बंगाल के चुनावी आंकलन करते समय ग्रहो और नक्षत्रों की स्थितियों से ये स्पष्ट हैं । की वेस्ट बेंगाल में ममता के खेमे में 178 + सीटे निश्चित तौर पर आनी चाहिए ।Astrologer : swati saxena
रंगभरनी एकादशी पर राशि अनुसार रंग और गुलाल को अर्पित करते हैं भगवान कृष्ण पर तो पाते हैं उन का आशीर्वाद और ग्रहो कीअनुकूलता 📿📿📿📿📿📿📿कौन से रंग का आधिक प्रयोग करें होली पूजन में और रंग खेलते समय होली का पर्व रंगों का पर्व है । इस लिए रंगों का महत्व अधिक है । रंग खेलने से पहले रंग द्वारा हम पूजन करते हैं ।प्रथम पूजनरंग भरनी एकादशी पर पूजनरंगों से होली खेलना यानी श्री कृष्ण के साथ , उनको रंग लगाने का शुभ आरंभ हम रंग भरनी एकादशी से कर देते हैं । दूसरा पूजनहोलिका दहन में अग्नि का…
हथेली के दर्शन -धन और ज्ञान सृजनात्मक का वरदान “कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती। करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते करदर्शनम्।।अर्थात हथेली के सबसे आगे के भाग में लक्ष्मी जी, बीच के भाग में सरस्वती जी और मूल (जड़) भाग में ब्रह्मा जी निवास करते हैं। इसलिए सुबह दोनों हथेलियों के दर्शन करना करना चाहिए, ताकि दिन अच्छा व्यतीत हो। साथ ही तीनों देव हमें आशीर्वाद प्रदान करें। ब्रह्मा, लक्ष्मी और सरस्वती कासुबह सुबह उठते ही सब से पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़ कर ऊर्जा के स्रोत के दर्शन करने चाहिए शास्त्रों और पुराणों के आधार पर हथेली में सर्व…
बाधाओं का करे हरण भोले नाथ का मंगल चरण-ऐसे करे जलाभिषेक सोमवार का दिन भगवान शंकर के पूजन के लिए सर्वोत्तम दिन है । भगवान शंकर विष ग्रहण करने वाले और मन कर्म और वचन को ऊर्जावान बने वाले देवो के देव हैं। संसार का विष तो ग्रहण किया ही ,साथ ही चंद्र देव के दोषी युक्त होने पर भी उन्हें अपने मस्तक पर विराजमान किया । जटाओं में शक्तिशाली वेग वाली मा गंगा को समाहित कर नियंत्रित किया । हर प्रकार की विषम परिस्थितियों का हरण कार ने वाले भोले नाथ सुख समृद्धि प्रदायक है। किसी भी प्रकार के…
सृष्टि में स्वर का संचार करने वाली ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का प्रागट्य दिवस व ऋतुराज वसन्त के आगमन का दिन-बसंतपंचमी माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी,सरस्वती जयंती के नामो से तो जाना जाता ही हैं पर इस दिन ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के पूजन के साथ साथ माँ से उत्पन ज्ञान को घारण करने वाले ऋषि मुनि व गुरु के पूजन का भी विधान है। इसीलिए बसंत पंचमी को ऋषि पंचमी के नाम से भी जाना जाता है ।वसंत पंचमी पर ज्ञान और उत्साह के सूचक पीले रंग के वस्त्र माँ को…
29.jan.21 के दिन दिया गया भविष्य कथन सिद्ध हुआ। **************** सरकार को बल मिलेगा, 11 को ही चीन के सैनिकों की वापसी और 10 को किसान बिल पर मंडी व्यवस्था और नई व्यवस्था दोनों वैकल्पिक है । इस बात का संसद के पटल से उद्घोष ने आंदोलन पर असर डाला ।