हथेली के दर्शन -धन और ज्ञान सृजनात्मक का वरदान

 

“कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती। करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते करदर्शनम्।।

अर्थात हथेली के सबसे आगे के भाग में लक्ष्मी जी, बीच के भाग में सरस्वती जी और मूल (जड़) भाग में ब्रह्मा जी निवास करते हैं। इसलिए सुबह दोनों हथेलियों के दर्शन करना करना चाहिए, ताकि दिन अच्छा व्यतीत हो। साथ ही तीनों देव हमें आशीर्वाद प्रदान करें।

hatheli

 

ब्रह्मा, लक्ष्मी और सरस्वती का
सुबह सुबह उठते ही सब से पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़ कर ऊर्जा के स्रोत के दर्शन करने चाहिए शास्त्रों और पुराणों के आधार पर हथेली में सर्व प्रथम माँ लक्ष्मी फिर माँ सरस्वती और फिर ब्रह्मा जी विराजमान होते रहते हैं ।
माँ लक्ष्मी-अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए ।

माँ सरस्वती – ज्ञान के आधीन हो कर

ब्रह्म जी – सर्जनात्मकता की उत्पत्ति के लिए अग्रसर रहू ।

ऐसी प्रार्थना करते हुये आशीर्वाद प्राप्त करें

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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