सूर्य शनि की युति द्वितीय भाव मे सूर्य शनि की युति के प्रभाव प्रत्येक भाव से सूर्य शनि की युति एक महत्वपूर्ण युति है इस युति के प्रभाव से व्यक्ति के के जीवन में आने वाली अधिकांश घटनाएं प्रभावित होती है क्योंकि दोनों ही ग्रह जीवन यापन के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रभावी और उपयोगी है, आत्मा के कारक सूर्य जहां आपकी आत्मशक्ति स्वाभिमान निरोगी काया देते हैं वही कर्म प्रधान शनिदेव आपके कर्म, कार्य की प्रति आपकी समर्पण, कार्य क्षमताओं के के साथ जीवन के संघर्ष को दिखलाता है वही शनि और सूर्य की अच्छी स्थिति जीवन के हर लक्ष्य को पूर्ण…
Author: Astrologer Dr. Swati Saxena
2025 मे देवगुरु बृहस्पति अतिचारी रहेंगे – तीन बार राशि बदलेंगे. 14 मई को रात 11:20 बजे बृहस्पति वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, वही 18 अक्टूबर को रात 9:39 बजे बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे फिर 5 दिसंबर को दोपहर 3:38 पर बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, यह गोचर दीर्घकालिक प्रभाव डालता है.वर्तमान समय मे जिन लोगो की बृहस्पति की महादशा चल रही हो उन पर ये प्रभाव और भी प्रभावी होगा, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति की महादशा 16 साल की रहती है जीवन के…
बृहस्पति, जिन्हें “प्रार्थना या भक्ति का स्वामी” माना गया है और ब्राह्मनस्पति तथा देवगुरु (देवताओं के गुरु) भी कहलाते हैं इन्होंने ही बार्हस्पत्य सूत्र की रचना की थी। इनका वर्ण सुवर्ण या पीला माना जाता है और इनके पास दण्ड, कमल और जपमाला रहती है देवगुरु बृहस्पति शुभ और सात्विक ग्रह है जो ज्ञान, संतान, शिक्षा, धार्मिक कार्य, धन, दान, पुण्य, और वृद्धि के कारक माने जाते है देव गुरु बृहस्पति धनु राशि और मीन राशि के स्वामी हैं। बृहस्पति ग्रह कर्क राशी में उच्च भाव में रहते है और मकर राशि में नीच भाव का योग बनाते है। सूर्य…
जनवरी 22 बुधवार माघ कृष्ण पक्ष अष्टमी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), पौष | अष्टमी तिथि 03:18 PM तक उपरांत नवमी | नक्षत्र स्वाति 02:34 AM तक उपरांत विशाखा | शूल योग 04:37 AM तक, उसके बाद गण्ड योग राहु 12:38 PM से 01:59 PM तक है | चन्द्रमा तुला राशि पर संचार करेगा
जनवरी 22 बुधवार माघ कृष्ण पक्ष अष्टमी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), पौष | अष्टमी तिथि 03:18 PM तक उपरांत नवमी | नक्षत्र स्वाति 02:34 AM तक उपरांत विशाखा | शूल योग 04:37 AM तक, उसके बाद गण्ड योग राहु 12:38 PM से 01:59 PM तक है | चन्द्रमा तुला राशि पर संचार करेगा
सूर्य शनि की युति एक महत्वपूर्ण युति है इस युक्ति के प्रभाव से व्यक्ति के के जीवन में आने वाली अधिकांश घटनाएं प्रभावित होती है क्योंकि दोनों ही ग्रह जीवन यापन के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रभावी और उपयोगी है| आत्मा के कारक सूर्य जहां आपकी आत्मशक्ति स्वाभिमान निरोगी काया देते हैं वही कर्म प्रधान शनिदेव आपके कर्म, कार्य की प्रति आपकी समर्पण, कार्य क्षमताओं के के साथ जीवन के संघर्ष को दिखलाता है| वही शनि और सूर्य की अच्छी स्थिति जीवन के हर लक्ष्य को पूर्ण करती है साथ में धर्म परायणता और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी देती है,…
माघ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी – षठतिला एकादशी- जनवरी 25, 2025 दिन शनिवार एकादशी तिथि प्रारम्भ – जनवरी 24, 2025 को 05:55 पी एम एकादशी तिथि समाप्त – जनवरी 25, 2025 को 07:01 पी एम उदिया तिथि के आधार पर 25जनवरी को षठतिला एकादशी ————————————– षट्तिला एकादशी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन कर के व्रत रखने का विधान है, इस दिन विशेष रूप से तिल स्नान, तर्पण, भोजन, दान,और हवन में प्रयोग करने से असंख्य पुण्यो का उदय होता है सनातन धर्म में तिल को सबसे पवित्र और शुद्ध बीज के रूप में माना गया है,…
सूर्य आत्मा का कारक वहीं वही शनि कर्म के कारक है जहाँ आत्मा और कर्म आत्मसार होते हैँ वही सिद्धि भी प्राप्त होती हैँ| सूर्य शनि आपस मे पिता पुत्र के बंधन मे बंधे है, इस सम्बन्ध की मधुरता यह है की आपस मे कितनी भी कटुता क्यों ना आ जाये, ये एक दूसरे का अनिष्ठ नहीं करेंगे सूर्य और शनि की युति जब किसी भी राशि या जन्म पत्रिका के किसी भी भाव मे शनि और सूर्य एक साथ विराजमान हो तो इसे सूर्य शनि की युक्ति कहा जाता है दोनों ही ग्रह गंभीर प्रभाव देनेवाले है और…
गण्ड मूल नक्षत्र -जनवरी 2025 ज्योतिष शास्त्र में , छह विशिष्ट नक्षत्र हैं अश्विनी, आश्लेषा, मघा, जेष्ठा, मूल और रेवती , इन नक्षत्र में जब चन्द्रमा संचरण करते हैं तब विशेष रूप से अधिक नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता हैं और इनके नक्षत्र में जिन बच्चों का जन्म होता है उन के और उनके परिवार के लिए विपरीत ऊर्जा का प्रवाह रहता है इस लिए मूल में जन्म लेने वाले बच्चो को दान करवाना चाहिए , इन नक्षत्र वाली तिथियों के दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य जैसे शादी, नामकरण, या अन्य शुभ कार्य करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय को…
जनवरी 17 शुक्रवार माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), पौष | चतुर्थी तिथि 05:30am तक उपरांत पंचमी | नक्षत्र मघा 12:44 PM तक उपरांत पूर्व फाल्गुनी | सौभाग्य योग 12:56 AM तक, उसके बाद शोभन योग | राहु 11:16 AM से 12:36 PM तक है | चन्द्रमा सिंह राशि मे, सूर्य मकर राशि मे विराजमान त्यौहार और व्रत:- सकट चौथ संकष्टी गणेश चतुर्थी सूर्योदय – 7:14 AM; सूर्यास्त – 5:59 PM चन्द्रोदय – Jan 17 9:18pm मेष आज आत्मविश्वास मे वृद्धि होगी, मनोबल बढेगा,जॉब सम्बन्धी अडचने दूर होगी, लाभ प्राप्त कर पायेगे,…