2025 मे देवगुरु बृहस्पति अतिचारी रहेंगे – तीन बार राशि बदलेंगे.

14 मई को रात 11:20 बजे बृहस्पति वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, वही 18 अक्टूबर को रात 9:39 बजे बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे फिर 5 दिसंबर को दोपहर 3:38 पर बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे,
CancerGemini
यह गोचर दीर्घकालिक प्रभाव डालता है.वर्तमान समय मे जिन लोगो की बृहस्पति की महादशा चल रही हो उन पर ये प्रभाव और भी प्रभावी होगा,
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति की महादशा 16 साल की रहती है

जीवन के अधिकांश कार्कत्व बृहस्पति देव के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं इस कारण देवगुरु बृहस्पति की महादशा कई तरह से व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डालती है अगर जान पत्रिका में बृहस्पति ग्रह की स्थिति शुभ है तो जीवन में विस्तार अध्यात्म और समस्त सुखों की प्राप्ति होती है,

वहीं अगर बृहस्पति ग्रह की स्थित जैन पत्रिका में कमजोर है तो बृहस्पति की महादशा में व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर चलते हुए कार्यों में रुकावट और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करता है

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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