पौष पुत्रदा एकादशी – 31.दिसंबर

साल की आख़री एकादशी जिस पर भगवान विष्णु का पूजन और दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो संतान सुख, समृद्धि या लंबी आयु की कामना करते हैं।
पुत्रदा एकादशी पर दान करने के लिए मुख्य रूप से पीली वस्तुएं: भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय है। आप पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी, केसर, गुड़ और पीले फूल का दान कर सकते हैं। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।
अन्न और फल: कच्चे अनाज जैसे गेहूं, चावल, और आटा का दान घर में धन-धान्य लाता है। इसके अलावा मौसमी फल और केले का दान भी शुभ माना जाता है।
सर्दियों के अनुकूल वस्तुएं: गर्म दूध, तिल, मूंगफली और गर्म कपड़ों का दान संतान के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत पुण्यदायी होगा
तुलसी का पौधा: तुलसी के पौधे का दान करना आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि लाने वाला माना गया है।
धातु का दान: तांबे के पात्र (बर्तन) में घी या तेल भरकर दान करना संतान की सुरक्षा और निरोगी जीवन के लिए लाभकारी होता है।
जरूरतमंदों की सहायता: ब्राह्मणों, गरीबों और अनाथ बच्चों को भोजन कराना या उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य में मदद करना इस दिन सौ गुना फल देता है।