नवरात्रि में, देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करके, आप अलग-अलग ग्रहों को मजबूत कर सकते हैं, जैसे कि पहले दिन शैलपुत्री की पूजा से मंगल ग्रह मजबूत होता है.

Shailputri
पहला दिन (शैलपुत्री): मंगल ग्रह मजबूत होता है.

Brahmacharini
दूसरा दिन (ब्रह्मचारिणी): सूर्य ग्रह मजबूत होता है.

Chandraghanta
तीसरा दिन (चंद्रघंटा): बुध ग्रह मजबूत होता है.

Kushmanda
चौथा दिन (कूष्माण्डा): शुक्र ग्रह मजबूत होता है.

Skandmata
पाँचवा दिन (स्कंदमाता): गुरु ग्रह मजबूत होता है.

Kaatyayani
छठा दिन (कात्यायनी): शनि ग्रह मजबूत होता है.

Kaalratri

सातवाँ दिन (कालरात्रि): राहु ग्रह मजबूत होता है.

Mahagauri
आठवाँ दिन (महागौरी): चंद्रमा ग्रह मजबूत होता है.

Siddhidatri
नौवाँ दिन (सिद्धिदात्री): केतु ग्रह मजबूत होता है.

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

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" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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