रात्रि में देवी पूजा से ग्रहों की स्थिति को बेहतर किया जा सकता है। ग्रहों का संतुलन बनाए रखने से मानसिक शांति, शारीरिक ऊर्जा, और भौतिक समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

Shailputri

पहला दिन – शैलपुत्री
ग्रह का प्रभाव: शनि और मंगल
शैलपुत्री की पूजा से शनि और मंगल ग्रह की शांति होती है, जो जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कारगर साबित होती है। इसके साथ ही साहस, शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह पूजा विशेष रूप से कर्म, कार्य और शारीरिक शक्ति को बढ़ाने के लिए होती है।

 

 

Brahmacharini

दूसरा दिन – ब्रह्मचारिणी
ग्रह का प्रभाव: बृहस्पति (गुरु)
लाभ: ब्रह्मचारिणी की पूजा से बृहस्पति ग्रह के आशीर्वाद से शिक्षा, ज्ञान, वैवाहिक जीवन और परिवार में सुख-शांति का वास होता है। यह पूजा व्यक्ति के जीवन में विद्या, ज्ञान और बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।

 

 

 

Chandraghanta

तीसरा दिन – चंद्रघंटा
ग्रह का प्रभाव: चंद्रमा
चंद्रघंटा की पूजा से चंद्रमा ग्रह प्रसन्न होता है, जो मानसिक शांति, आत्मविश्वास और भक्ति का प्रतीक होता है। यह पूजा मानसिक तनाव, अशांति और भय को दूर करती है और व्यक्ति को संतुलित और शांतिपूर्ण बनाती है।

 

 

 

Kushmanda

चौथा दिन – कूष्मांडा
ग्रह का प्रभाव: सूर्य
लाभ: कूष्मांडा की पूजा से सूर्य ग्रह की कृपा मिलती है, जो शक्ति, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह पूजा जीवन में ऊर्जा और आत्मविश्वास लाने के लिए की जाती है। सूर्य का आशीर्वाद पाकर व्यक्ति को कार्यों में सफलता मिलती है और जीवन में कोई भी अंधकार नहीं रहता।

 

 

Skandmata

पाँचवाँ दिन – स्कंदमाता
ग्रह का प्रभाव: शुक्र
स्कंदमाता की पूजा से शुक्र ग्रह की शांति होती है, जो प्रेम, सौंदर्य और समृद्धि का कारक होता है। यह पूजा विवाह, प्रेम संबंधों और भौतिक सुख-संपत्ति में वृद्धि के लिए की जाती है।

 

 

 

Kaatyayani

छठा दिन – कात्यायनी
ग्रह का प्रभाव: बुध
लाभ: कात्यायनी की पूजा से बुध ग्रह की शांति होती है, जो बुद्धि, वाणी और व्यापार के लिए उत्तरदायी है। यह पूजा विशेष रूप से व्यापार में वृद्धि, नौकरी में सफलता और संवाद की क्षमता को सुधारने के लिए की जाती है।

 

 

 

Kaalratri

सातवाँ दिन – कालरात्रि
ग्रह का प्रभाव: राहु
कालरात्रि की पूजा से राहु ग्रह की शांति होती है, जो भ्रम, डर और उलझन पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है। यह पूजा व्यक्ति की मानसिक स्थिति को बेहतर बनाती है और उसे अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है।

 

 

 

Mahagauri

आठवाँ दिन – महागौरी
ग्रह का प्रभाव: केतु
महागौरी की पूजा से केतु ग्रह की शांति होती है, जो आंतरिक शांति, शुद्धता और मोक्ष का कारक होता है। यह पूजा विशेष रूप से मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और दोषमुक्ति के लिए होती है।

 

 

 

Siddhidatri

नौवाँ दिन – सिद्धिदात्री
ग्रह का प्रभाव: सभी ग्रहों का संतुलन
सिद्धिदात्री की पूजा से सभी ग्रहों का संतुलन होता है, जिससे जीवन में समृद्धि, सुख और सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान मिलता है। यह पूजा विशेष रूप से जीवन में सफलता, शांति और सभी प्रकार की इच्छाओं की पूर्ति के लिए होती है।

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

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" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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