ग्रहगोचर-2025
2025 में होंगे बड़े परिवर्तन-
मुख्य रूप से शनि और बृहस्पति के साथ राहु-केतु करेंगे राशि परिवर्तन
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इस साल नवग्रह परिवर्तन होने जा रहे हैं।
राहु मीन राशि से कुंभ राशि में और केतु कन्या राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
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इस वर्ष 14मयी को देव गुरु बृहस्पति राशि परिवर्तन कर मिथुन राशि में गोचर आरंभ करदेंगे
और अतिचारी हो कर मिथुन और् कर्क में गोचर करे गे इस वर्ष
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शनि देव 29 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
न्याय के देवता शनिदेव 29 मार्च को देर रात 11 बजकर 01 मिनट पर कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे।
शनि की साढ़ेसाती
किसी एक राशि पर साढ़े सात साल तक रहती हैं
साढ़ेसाती के 7 साल के समय में तीन चरण आते है ,प्रत्येक चरण ढाई साल का होता हैं
2025 मे देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में शनि देव प्रवेश कर जाएंगे
शनि के इस गोचर से
मकर राशि पर चल रही साढ़ेसाती खत्म होंगी और मेष राशि की साढ़ेसाती आरंभ होंगी वहीं
मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा और कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण रहेगा।
कर्क और वृश्चिक पर चल रही शनि की ढैय्या समाप्त होगी साथ ही
सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी
ग्रहगोचर – 2025 में होंगे बड़े परिवर्तन
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Astrologer Dr. Swati Saxena
स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।
