भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर 1 :54 पर आरम्भ हों कर 27 अगस्त की दोपहर 3: 44 पर समाप्त होगी, उदया तिथि के आधार पर 27 को भगवान गणेश को विराजमान करा कर पूजन आरम्भ करना चाहिये

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भगवान् गणेश का पूजन उन्ही के दिन बुधवार को और माध्यन के समय पर तिथि का मिलना इस की शुभता और बढ़ता है
27 अगस्त को दुपहर 11 :45 से 1:45 के मध्य हों सके तो ईशान कोण मे पीले या लाल आसन विराजमान कराये और ऐसा स्थान भी लें जहाँ से ज्यादा से ज्यादा भगवान के श्री विग्रह के दर्शन हों सके,समस्त विधनों को हरने वाले भगवान गणेश को हरे वस्त्रो मे,”ॐ गंग” बीज मन्त्र के जप के साथ 11 दूर्वा को 11लाल पुष्पों के साथ बाँध कर माला रूप मे अर्पित करे,के विराजमान कराये,
इस 10 दिवसीय पर्व मे प्रत्येक दिन फलो का दान करने से रोग पीड़ा से मुक्ति मिलती है और बुद्ध ग्रह जो आर्थिक पक्ष और समृद्धि प्रदायक है,को भी प्रबल कर पाते है*
ज्योतिषाचार्य स्वाति सक्सेना
संस्थापक अंतरंग फाउनडेशन
