गण्ड मूल नक्षत्र -जनवरी 2025

Gandmool Nakshatra
ज्योतिष शास्त्र में , छह विशिष्ट नक्षत्र हैं अश्विनी, आश्लेषा, मघा, जेष्ठा, मूल और रेवती , इन नक्षत्र में जब चन्द्रमा संचरण करते हैं तब विशेष रूप से अधिक नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता हैं और इनके नक्षत्र में जिन बच्चों का जन्म होता है उन के और उनके परिवार के लिए विपरीत ऊर्जा का प्रवाह रहता है इस लिए मूल में जन्म लेने वाले बच्चो को दान करवाना चाहिए ,
इन नक्षत्र वाली तिथियों के दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य जैसे शादी, नामकरण, या अन्य शुभ कार्य करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय को शुभ कायों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है,
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30 दिसंबर से 1 जनवरी 2025
30 दिसंबर 2024, रविवार, गण्ड मूल नक्षत्रः सुबह 09:11 बजे से
1-जनवरी 2025, मंगलवार, सुबह 03:06 बजे तक।
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7 जनवरी – 9 जनवरी2025
7 जनवरी 2025, सोमवार, गण्ड मूल नक्षत्र: शाम04:01 बजे से
9जनवरी 2025, बुधवार, शाम 07:28
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17 जनवरी 2025 -19जनवरी 2025
17 जनवरी 2025, गुरुवार, गण्ड मूल नक्षत्र: दोपहर03:21 बजे से 19 जनवरी 2025, शनिवार, शाम 07:31 बजे तक।
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26 जनवरी -28 जनवरी
26 जनवरी 2025, शनिवार, गण्ड मूल नक्षत्रः शाम06:53 बजे से
28 जनवरी 2025, सोमवार, दोपहर01:53 बजे तक।

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

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" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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