Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा पर 16 कलाओ से युक्त चन्द्र देव अपनी पूर्ण आभा बिखेरते हैं

जो स्वागत हैं माँ लक्ष्मी का, जो स्वागत हैं गोपी भाव का जिसने स्त्री पुरुष के भेद से ऊपर उठ कर अपनी समस्त कामनाओं की पूर्णता भगवान श्री कृष्ण को कृपा बरसाने पर विवश कर दिया,और शरद पूर्णिमा की रात्रि मे हर गोपी भाव को अपनी शरण मे लिया और दिव्य महारास मे प्रवेश किया
इस लिये शरद पूर्णिमा को अमृतपूर्ण रात्रि कहाँ जाता हैं जहाँ तृप्ती का अमृत बरसता हैं

आज की रात मन को औषधि रूप मे चंद्र ऊर्जा उन के आराध्य के साक्षात् स्वरूप का दर्शन करती हैं
वही शारीरिक पुष्टि के लिये अमृतमयी चंद्र ऊर्जा को ग्रहण करने का अवसर देती हैं
और सांसारिक सुखो की कमना, धन धान और समृद्धि प्राप्त होती हैं माँ लक्ष्मी के प्रवेश से – उन का पूजन कर खीर अमृत वर्षा मे चंद्र ऊर्जा मे रखना चाहिए

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

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" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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