आईना जो आप की सूरत ही नहीं दिखता बल्कि आनेवाले समय को भी बताता हैं

आजा कल की आधुनिकता में आईने का प्रयोग भरपूर होनें लगा हैं आधुनिक घरो की शान हैं आईने पर आईना ऊर्जा को दुगना कर देता हैं अगर नकारात्मक ऊर्जा हैं,  तो भी बढेगी और अगर पॉजिटिव हैं तो वो भी बढे गी इस लिए आईने का आकर और दिशा दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं

आकर
मुख्यता आईना कभी भी गोल नहीं होना चाहिए, आयत कार या वर्ग में होना अधिक श्रेष्ट होता हैं
गोल शीशा जीवन की उलझने बढ़ा देता हैं, जब की आयत और वर्ग के आकर जीवन में संतुलन और लाभ देते हैं

गोलाकार या ओवल शीशे का प्रयोग कामर्शीयल जगह किया जा सकता हैं क्युकि वहां आईना देखने वाले लोग बहुत कम समय के लिए इसे प्रयोग करते हैं और नियमित नहीं होते

किस दिशा में ना लगाए शीशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण और पश्चिम में बिल्कुल ना लगाए शीशा इस दिशा में आईने का अधिक प्रयोग घर के वातावरण आपसी रिश्तो और स्वास्थ्य को प्रभावित करता हैं और अगर किसी प्रकार का वास्तु दोष हैं तो वो भी इस दोष के होनें और बढ़ जाते हैं

उपयुक्त दिशा
आईना आप के रूप को व्यक्तित्व को संजो कर वापस दिखता हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आईना सही दिशा में लगा हो तो जीवन में वृद्धि और सकारात्मकता बढ़ती हैं इस लिए आईना हमेश उत्तर और पूर्व दिशा में शुभ माना जाता हैं ये दिशा वृद्धि की सूचक हैं इस दिशा में आईना सकारात्मक प्रवहा देता हैं

Share.

स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

Comments are closed.

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

X