ज्योतिषाचार्या डॉ. स्वाति सक्सेना के अनुसार माँ का का गज पर आना शुभ संकेत है, और किस समय घट स्थापना करना श्रेष्ट है और तिथियों को लेकर क्या संशय है

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 2026 का पावन पर्व 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) से आरंभ हो रहा है और 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। आइए जानते हैं घटस्थापना का सही समय, तिथियों का संशय और नौ दिनों का पूरा शेड्यूल।


माँ दुर्गा का आगमन और प्रस्थान (Vahan )

  • आगमन (Aagman): इस वर्ष माता रानी का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे शास्त्रों में बहुत शुभ और उत्तम समृद्धि का प्रतीक माना गया है।
  • प्रस्थान (Prasthan): माता का प्रस्थान मुर्गे पर हो रहा है, जिसे समाज में मानसिक उद्वेग और हल्के असंतुलन का संकेत माना जा सकता है।

navratri 2026घटस्थापना शुभ मुहूर्त (Ghatasthapana Muhurat 2026)

उदयातिथि के आधार पर इस बार नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होगी:

  • प्रतिपदा तिथि आरंभ: 10 अक्टूबर 2026, शनिवार की रात्रि से।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त (घटस्थापना): दोपहर 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे के बीच करना श्रेष्ठ है।
  • इस बार नवरात्री का आरभ  चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में हो रहा है.

तिथियों को लेकर संशय का कारण तिथि वृद्धि
इस बार 11 अक्टूबर घटस्थापना और 20 अक्टूबर विजयदशमी का पर्व मनाया जायेगा
*- सप्तमी तिथि की वृद्धि की कारण 17 और 18 दोनों दिन सूर्य उदय पर सप्तमी तिथि मिल रही है
*- 17 अक्टूबर 05:54am से सप्तमी तिथि – 18 अक्टूबर 08:28 am तक व्याप्त

 

  • 18 को 8:30 के बाद अष्टमी तिथि आरम्भ हो कर 19 को 10:55 सुबह तक रहेगी,उस के बाद नवमी व्याप्त रहेगी,
  • ऐसे में 19 को अष्टमी और नवमी का सन्धि पूजन करे
  • 19 को अष्टमी और नवमी मनाना श्रेष्ट है
  • 20 को 12:50 दुपहर तक नवमी व्याप्त रहेगी, दुपहर के बाद दशमी व्याप्त रहेगी

शारदीय नवरात्रि 2026: तिथिवार कैलेंडर (Day-wise Calendar)

दिनांक और दिन तिथि नवरात्रि स्वरूप / पूजन
11 अक्टूबर 2026 (रविवार) प्रतिपदा तिथि घटस्थापना और माँ शैलपुत्री पूजन
12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) द्वितीया तिथि माँ ब्रह्मचारिणी पूजन
13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) तृतीया तिथि माँ चंद्रघंटा पूजन
14 अक्टूबर 2026 (बुधवार) चतुर्थी तिथि माँ कूष्मांडा पूजन
15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) पंचमी तिथि माँ स्कंदमाता पूजन
16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) षष्ठी तिथि माँ कात्यायनी पूजन
17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) सप्तमी तिथि माँ कालरात्रि पूजन एवं सरस्वती आवाहन
18 अक्टूबर 2026 (रविवार) अष्टमी तिथि (आरंभ) दुर्गा अष्टमी व्रत / महागौरी पूजा (क्षेत्रीय परंपरा अनुसार)
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) अष्टमी / नवमी महागौरी पूजा, महानवमी एवं संधि पूजा
20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) दशमी तिथि विजयादशमी (दशहरा), कन्या पूजन और प्रतिमा विसर्जन

Astrologer Dr. Swati Saxena

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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