Surya Grahan 2026: सूर्यग्रहण में किस बात का रखें ख्याल ...
सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026: भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण और न ही मान्य होगा सूतक, जानें क्या होगा दुनिया पर प्रभाव

12 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटने जा रही है। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे से शुरू होकर 13 अगस्त की देर रात 1:28 बजे तक रहेगा, जबकि इसका पूर्ण समापन लगभग सुबह 4:00 बजे तक होगा। मुख्य रूप से यह ग्रहण यूरोप (स्पेन, आइसलैंड, पुर्तगाल) और ग्रीनलैंड में दिखाई देगा।

विशेष नोट: यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य (Visible) नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहाँ ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहाँ इसका सूतक काल मान्य नहीं होता है। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों पर इसका कोई प्रत्यक्ष धार्मिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

खगोलीय घटना का देश-दुनिया और व्यवस्थाओं पर प्रभाव

भले ही यह भारत में दिखाई न दे, लेकिन ज्योतिषीय और खगोलीय दृष्टिकोण से इस ग्रहण का व्यापक प्रभाव देश-दुनिया, प्राकृतिक, सरकारी और न्यायिक व्यवस्था पर पड़ेगा।

  • शासन और न्याय व्यवस्था पर असर: ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, सत्ता और शासन का प्रतिनिधित्व माना गया है। इस ग्रहण के कारण न्यायिक व्यवस्था से लेकर शासन सत्ता प्रभावित रहेगी। शीर्ष पदों पर बैठे नेतृत्वकर्ताओं को बड़ी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • प्राकृतिक आपदाओं की आशंका: यह ग्रहण जलतत्व की राशि कर्क में लगने जा रहा है। यदि आजाद भारत की कुंडली देखी जाए, तो उसमें वृष लग्न और कर्क राशि विद्यमान है। कर्क राशि में ग्रहण लगने के कारण इसका सीधा प्रभाव भारत की व्यवस्थाओं और प्रकृति पर पड़ेगा, जिससे जल संबंधी समस्याएं, भारी बारिश, बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बढ़ेगी।
  • आर्थिक बाजार में उतार-चढ़ाव: साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण बुद्ध के नक्षत्र अश्लेषा में घटित होगा। बुध व्यापार और वाणिज्य का कारक है, इसलिए भारतीय शेयर बाजार, कमोडिटी मार्केट और अर्थव्यवस्था में अचानक बड़े बदलाव और भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

ग्रहण का मोक्ष काल: 13 अगस्त की सुबह क्या करें?

ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को खत्म करने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए ग्रहण के मोक्ष (समापन) के बाद दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। 13 अगस्त की सुबह निम्नलिखित कार्य अवश्य करें:

शुभ फल के लिए करें ये उपाय:

  • स्नान और ध्यान: 13 तारीख की सुबह उठकर पवित्र स्नान करें और शांत मन से भगवान का ध्यान करें।
  • सूर्य दर्शन और मंत्र जाप: सुबह सूर्योदय के समय सूर्य देव के दर्शन करें और सूर्य मित्रों या गायत्री मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
  • महादान: ग्रहण के बाद दान का विशेष महत्व है। सुबह के समय किसी जरूरतमंद को गेहूं, गुड़ और मिश्रित अनाज (सप्तधान्य) का दान करना सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है।

 

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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