फाल्गुन पूर्णिमा -होलिका दहन 2 मार्च

2 मार्च को निशाव्यापिनी पूर्णिमा प्राप्त हो रही है. हालांकि, 2 मार्च को शाम 5 :18 मिनट से भद्रा लग रही है, इसलिए भद्रा के मुख काल को त्यागकर, भद्रा पूंछ काल में 2 मार्च की रात 12 : 50 से रात 2 :02 तक होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत है.

बाधा निवारण: घी और गोबर के उपले चढ़ाने से और होलिका की अग्नि घर लाने व उसकी राख माथे पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष दूर होता है।

ग्रह शांति: पूजन में काले तिल अर्पित करने से उग्र ग्रहों का प्रभाव शांत होता है।

समृद्धि और आरोग्य: घी, गोबर के उपले और गेहूं की बालियां अग्नि में अर्पित करने से सुख-समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

3 मार्च ग्रहण-सुबह 9:39 से सूतक काल आरम्भ, जो ग्रहण समाप्त होने के साथ समाप्त होगा।

साल का पहला चन्द्रग्रहण
3 मार्च, मंगलवार को – 2:16 से शुरू होकर शाम 5 : 33 मिनट तक रहेगा।
ये ग्रहण भारत मे दृश्य है इस लिये सूतक काल भी मान्य होंगा,

happy hoi

4 मार्च रंगों की होली

ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना
संस्थापक अंतरंग

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स्वाती सक्सेना को 70 वे राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन गुवाहाटी में वैदिक विभूषण की उपाधि से श्री कलराज मिश्र द्वारा अलंकृत किया गया।ज्योतिष महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से देहरादून में सम्मान प्राप्त किया,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से कानपुर मे सम्मान प्राप्त किया। 2022 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम मे सम्मानित किया हस्तरेखा, वैदिक ज्योतिष व फेस रीडिंग के क्षेत्र मे 28वर्षों से कार्यरत, देश-दुनिया के हजारों लोगों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां और उनका मार्गदर्शन किया। 2019 में की गई भविष्यवाणी कि भाजपा अकेले 303 सीटे प्राप्त कर सत्ता में वापस आएगी और नीचभंग राजयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजयी बनायेगा, सर्वविदित और चर्चा में रही। वैदिक ज्योतिष के मतानुसार स्वाती सक्सेना का मानना है कि मनुष्य का जीवन कर्म और भाग्य दोनों से चलता है। आप का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि भाग्य और कर्म के आधार पर भविष्यवाणी की जाए।

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" जिंदगी के अक्स " Written by
Dr. Swati Saxena

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