वर्ष के राजा और मंत्री
19 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत
इस बार नए साल की शुरुआत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, शुक्ल योग और मीन लग्न मे रहेगी

इस हिन्दू नव वर्ष के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल रहेंगे
राजा बृहस्पति का गोचर इन आनेवाले 12 महीनों पर पूरा प्रभाव डालेगा
बृहस्पति – मिथुन मे 1 जून तक
फिर कर्क मे 2जून से 30 अक्टूबर तक, और अंत मे सिंह मे 31 अक्टूबर से 13दिसंबर तक गोचर करेंगे
राजा बृहस्पति :-शिक्षा, धर्म, और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मकता आ सकती है।
मंत्री मंगल : साहस बढ़ेगा लेकिन प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक तनाव में वृद्धि की संभावना है।
इस वर्ष विशेष : ये वर्ष 12 की जगह 13 महीने का होगा, जेष्ट महीने पुनरावृति अधिक मास के रूप मे रहेगी जिसे हम पुरुषोत्तम मास के रूप मे भी जाना जाता है
पुरुषोत्तम मास की पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार जब यह अतिरिक्त महीना बना तो कोई भी देवता इसका स्वामी बनने के लिए तैयार नहीं हुआ। तब भगवान विष्णु ने इसे स्वीकार किया और इसे पुरुषोत्तम मास का नाम दिया। इसी कारण यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस पूरे मास में भक्ति, जप, तप, दान और धार्मिक साधना करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
हिंदू नव वर्ष के दिन क्या करें
हिंदू नव वर्ष के दिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल में दीपक जलाकर देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए। आरती करने के बाद भगवान को भोग लगाएं और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। इस दिन गरीबों और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या भोजन का दान करना भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
